अयोध्या : छावनी बना फैज ए आम इंटर कॉलेज, जानिये क्यों सुर्खियों में है ये मामला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सोहावल /अयोध्या , अमृत विचार। रौनाही थाना क्षेत्र के शेखपुर जाफर में स्थित फैज ए आम इंटर कॉलेज का मामला गरमाता ही जा रहा है। हिंदू समाज संगठन द्वारा कॉलेज गेट पर हनुमान चालीस पढ़ने के ऐलान के बाद गुरुवार को कॉलेज गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इधर, कॉलेज में जिलाधिकारी …

सोहावल /अयोध्या , अमृत विचार। रौनाही थाना क्षेत्र के शेखपुर जाफर में स्थित फैज ए आम इंटर कॉलेज का मामला गरमाता ही जा रहा है। हिंदू समाज संगठन द्वारा कॉलेज गेट पर हनुमान चालीस पढ़ने के ऐलान के बाद गुरुवार को कॉलेज गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इधर, कॉलेज में जिलाधिकारी की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम भी जांच के लिए पहुंच गई। काफी देर तक जांच पड़ताल के बाद चार दिन के अंदर रिपोर्ट देने की बात कहकर टीम मुख्यालय लौट आई। विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की मान्यता रद करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

गुरुवार को जिले का प्रशासनिक अमला मुस्लिम कॉलेज शेखपुर जाफर में सुबह से जमा रहा। रौनाही थाने की एक पुलिस टुकड़ी सुरक्षा की दृष्टि से कॉलेज के गेट पर पहरा देती नजर आई। पुलिस उन हिंदू कार्यकर्ताओं को खोजने में जुटी रही, जिन्होंने कॉलेज में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने का एलान किया था। ऐसे 12 से अधिक लोगों को नबीगंज चौराहे पर ही रोक लिया गया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की।

संगठन के रविंद्र सिंह ने कहा कि अगर कार्रवाई न हुई तो विद्यालय के सामने रामचरित मानस का पाठ भी करेंगे। इधर, जिला विद्यालय निरीक्षक की अगुवाई में जिला अधिकारी नीतीश कुमार ने तीन सदस्यों की जांच टीम गठित कर दी है, जो चार दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति के सदस्य उप जिला अधिकारी सोहावल मनोज कुमार श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी शैलेन्द्र गौतम ने संयुक्त रूप से बताया कि समिति की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है मामला
दरअसल फैज-ए-आम मुस्लिम इंटर कॉलेज पर आरोप है कि उसने दो हिंदू छात्रों पर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाकर उनका नाम काट दिया था। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। यही नहीं, मैनेजमेंट ने दोनों छात्रों का नाम काटकर ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। मामला गरमाने के बाद एक छात्र ने पुन: एडमिशन लिया था, जबकि दूसरे छात्र ने अभी तक प्रवेश नहीं लिया है।

यह भी पढ़ें –पीलीभीत: फार्मासिस्ट की शिकायत पर CMO ने एडी को किया तलब, जानें पूरा मामला

संबंधित समाचार