गोरखपुर : सीएम योगी ने एम्स गोरखपुर में ऑडिटोरियम का किया उद्घाटन, चिकित्सकों से कही यह जरूरी बात
गोरखपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिर्फ डिग्री हासिल कर लेने से चिकित्सक का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता। डिग्री हासिल करने के बाद आगे विशालसंभावनाओं वाला क्षेत्र है जहां चिकित्सक समाज हित में बहुत कुछ नया कर सकते हैं। सीएम योगी गुरुवार सुबह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में नवनिर्मित …
गोरखपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिर्फ डिग्री हासिल कर लेने से चिकित्सक का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता। डिग्री हासिल करने के बाद आगे विशालसंभावनाओं वाला क्षेत्र है जहां चिकित्सक समाज हित में बहुत कुछ नया कर सकते हैं।
सीएम योगी गुरुवार सुबह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में नवनिर्मित ऑडिटोरियम व नेशनल सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च इन टोबैको कंट्रोल का उद्घाटन करने के बाद यहां तंबाकू नियंत्रण विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर मरीज डॉक्टर के लिए रिसर्च का भी विषय होता है। एक डॉक्टर यदि एक वर्ष ओपीडी में मरीजों को देखता है, मरीजों को सलाह देता है तो इसके जरिये उसे एक नया व व्यावहारिक पब्लिकेशन प्राप्त हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में कुछ न कुछ नया करने का भी प्रयास करें। इनोवेशन और रिसर्च ही योग्यता का आधार है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 दी है।
सीएम योगी ने इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए लंबे समय तक अभिशाप बनी रही इंसेफेलाइटिस का जिक्र करते हुए कहा कि 1977-78 में आई इस बीमारी से 40 साल में 50 हजार बच्चों की मौत हो गई। पर, 40 साल में इस पर एक भी रिसर्च पेपर देखने को नहीं मिला। हद तो इस बात की भी रही कि जापान से इंसेफेलाइटिस के लिए वैक्सीन 1906 में बना लिया था।
लेकिन भारत में यह उपलब्ध हुई सौ साल बाद 2006 में। जबकि कोरोना काल में महज नौ माह में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश में दो-दो स्वदेशी वैक्सीन तैयार हो गईं। यही नहीं देश मे कोरोना वैक्सीन की दो सौ करोड़ डोज दी जा चुकी है।
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