NIA को बड़ी कामयाबी हाथ लगी, स्वतंत्रता दिवस के पहले बाटला हाउस से ISIS का संदिग्ध आतंकी अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित बाटला हाउस इलाके से ISIS के एक संदिग्ध सक्रिय सदस्य को पकड़े जाने के बाद कई बातों का पता चल रहा है। बताया जा रहा है कि खूंखार आतंकी संगठन का यह संदिग्ध सदस्य दिल्ली में रहकर फंड जुटाने के काम में लगा हुआ था। पकड़े गए आरोपी का नाम मोहसिन …
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित बाटला हाउस इलाके से ISIS के एक संदिग्ध सक्रिय सदस्य को पकड़े जाने के बाद कई बातों का पता चल रहा है। बताया जा रहा है कि खूंखार आतंकी संगठन का यह संदिग्ध सदस्य दिल्ली में रहकर फंड जुटाने के काम में लगा हुआ था। पकड़े गए आरोपी का नाम मोहसिन अहमद है। मोहसिन के बारे में बताया जा रहा है कि वो बिहार का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, मोहसिन बीते 6 महीने से बटला हाउस इलाके में अपना ठिकाना बनाए हुए था। जहां उसके कुछ अन्य साथी भी उसके साथ रह रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात की भनक नहीं थी कि मोहसिन देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है।
NIA को जांच के दौरान मोहसिन की सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। पता चला की यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर ISIS का ऑनलाइन प्रोपेगेंडा फैला रहा है। साथ ही पता यह भी चला है की यह न सिर्फ पूरी तरह रेडिक्लाइज है बल्कि ISIS का सक्रिय सदस्य भी है। NIA के मुताबिक, मोहसीन की गिरफ्तारी ISIS के लिए हिंदुस्तान में फंड इक्क्ठा करने के आरोप में हुई है।|
NIA Conducts Search and Arrests One Accused in the Activities of ISIS module case (RC-26/2022/NIA/DLI) pic.twitter.com/MGphfbMqTa
— NIA India (@NIA_India) August 7, 2022
स्वतंत्रता दिवस के पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। NIA दिल्ली के बाटला हाउस इलाके से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक आतंकी का नाम मोहसिन अहमद है। वह बिहार का रहने वाला है।
मोहसिन कई दिनों से ISIS मॉड्यूल का एक्टिव मेंबर है। जानकारी के अनुसार, NIA की टीम ने बाटला हाउस के एक घर पर छापा मारा, जहां से मोहसिन को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी में घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं।
बताया जा रहा है कि दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों ने मोहसिन के बारे में सूचना दी थी, जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी के छात्रों की माने तो उसने कई छात्रों को इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की। इस मामले में जांच एजेंसी ने 25 जून को ही मोहसिन के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसके बाद लगातार उसकी तलाश की जा रही थी।
जांच में पता चला कि वो अफगानिस्तान और सीरिया में मौजूद आईएसआईएस के कमांडरों से संपर्क में था और उनको क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंड भेजता था। NIA के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मोहसिन अहमद ISIS के लिए भारत में फंडिंग करता था।
जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए हुई ट्रांजेक्शन को किसने फंड किया। इसका हैंडलर कौन है और कहां बैठा है? यह आगे कहां पैसों की सप्लाई कर रहा था। किसके पास पैसा भेजा जा रहा था।
ये भी पढ़ें : बांग्लादेश में हाहाकार, 50 प्रतिशत बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, सड़कों पर उतरी जनता
