कानपुर : ठंडे बस्ते में कानपुर- कबरई समानांतर हाईवे प्रोजेक्ट, जानिये नए मार्ग से क्या होगा फायदा
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर- हमीरपुर- कबरई हाईवे के समानांतर हाईवे के निर्माण की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भूमि अधिग्रहण समिति के पास एनएचएआई द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को अभी तक प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है और फिलहाल मिलने के कोई आसार भी नहीं हैं। जबकि इस प्रोजेक्ट के मूर्त …
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर- हमीरपुर- कबरई हाईवे के समानांतर हाईवे के निर्माण की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भूमि अधिग्रहण समिति के पास एनएचएआई द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को अभी तक प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है और फिलहाल मिलने के कोई आसार भी नहीं हैं। जबकि इस प्रोजेक्ट के मूर्त रूप लेने से कानपुर से कबरई तक की जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी और हादसों में भी कमी आएगी। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से पैरवी के अभाव के कारण ही इसे स्वीकृति नहीं मिल पा रही है जबकि रिंग रोड के साथ ही यह प्रस्ताव भेजा गया था। रिंग रोड मंजूर हो गया और यह लटक गया।
नौबस्ता से घाटमपुर होते हुए हमीरपुर के रास्ते कबरई जाने वाले हाईवे पर अभी यातायात का दबाव बहुत है। स्थिति यह है कि छतरपुर , सागर समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों के लोग और महोबा, हमीरपुर आदि जिलों से आने वाले गिट्टी लदे ट्रक इसी मार्ग से आते हैं। इससे इस पर जाम भी खूब लगता है क्योंकि यह मार्ग अभी दो लेन का है। कई बार तो 10 से 12 घंटे तक जाम लगता है। पीएनसी कांस्ट्रक्शन ने वर्तमान हाईवे का निर्माण किया था। कंपनी को 2024 तक टोल टैक्स वसूलना है। ऐसे में वर्तमान हाईवे का चौडीकर तब तक नहीं हो सकता है। अगर करना हो तो पीएनसी को ही काम देना पड़ेगा।
इसीलिए चार लेन के समानांतर हाईवे के निर्माण की योजना बनी। योजना के तहत इसे रमईपुर से शुरू किया जाना था। इसे रिंग रोड से जोड़ने के साथ ही 1.5 किलोमीटर लिंक मार्ग बनाकर वर्तमान हाईवे से भी जोड़ने की योजना थी। सात सौ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। 112 किमी लंबे इस हाईवे के निर्माण में 37 सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अगर यह बन जाए तो जाम खत्म हो जाएगा।
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