लखनऊ : पीडब्ल्यूडी में 4 दिन बाद भी नहीं शुरू हुई विभागीय जांच

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ, अमृत विचार । लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में हुई कनिष्ठ लिपिक विपिन सिंह की मौत के मामले में विभागाध्यक्ष विकास से लेकर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन तक गंभीर नहीं है। मुख्यालय में शराब पार्टी के दौरान कर्मचारी की मौत व देर रात तक कार्यालय खुले के मामले को लेकर इन अधिकारियों का रवैया …

लखनऊ, अमृत विचार । लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में हुई कनिष्ठ लिपिक विपिन सिंह की मौत के मामले में विभागाध्यक्ष विकास से लेकर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन तक गंभीर नहीं है। मुख्यालय में शराब पार्टी के दौरान कर्मचारी की मौत व देर रात तक कार्यालय खुले के मामले को लेकर इन अधिकारियों का रवैया उदासीन है। घटना के चार दिन बाद भी गठित की जांच समिति ने इस मामले में जांच तक नहीं शुरू कर पाई है ऐसे में इन अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आयी है।

गौर करने वाली बात तो यह है कि पीडब्ल्यूडी कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने इस मामले में विभागाध्यक्ष को निर्देश दिये थे कि एक दिन में सीसीटीवी समेत सभी पहलुओं पर विभागीय जांच कर सायं तक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाये। घटना के कारणों की विस्तृत विवेचना कर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली के चलते चार दिन बीत गये और समिति की जांच रिपोर्ट तक नहीं उपलब्ध कराई गई।

शासकीय कार्यालय में देर रात रुककर शराब पार्टी करने के मामले को लेकर विभागाध्यक्ष नजरअंदाज कर चुप बैठे रहे। दोषी कर्मियों पर कार्यवाही करने के बजाय जांच कराने की दलील देते रहे । कार्यालय में देर रात तक कर्मियों के रुकने की बात पूछने पर विभागाध्यक्ष टालमटोल करते नजर आये। बड़ी बात तो यह है कि घटना के दूसरे दिन भी विभागाध्यक्ष संदीप कुमार व प्रमुख अभियंता वीके श्रीवास्तव मृतक के परिजनों से बात तक करना नहीं पसंद कर रहे हैं। जबकि परिजनों का आरोप है कि इस घटना के पीछे प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन वी के श्रीवास्तव, वरिष्ठ स्टाफ आफिसर व्यवस्थापन घ वर्ग अजय कुमार, विधि अधिकारी आशुतोष उपाध्याय, स्टाफ आफिसर सौरभ बैराठी भी दोषी हैं। परिजनों के मुताबिक इस घटना की पारदर्शिता के साथ जांच हो जाये तो सब कुछ सामने आ जायेगा।

लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन और विभागाध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर विभाग में कार्यरत महिला कर्मियों में भारी आक्रोश है। देर रात तक कार्य के बोझ से कर्मचारी परेशान है। नाम न छापने की शर्त पर विभाग में कार्यरत महिलाओं ने बताया कि यहां के अधिकारियों की मनमानी रवैया से हम लोग परेशान है।

यह भी पढ़ें –लखनऊ : ऊर्जा मंत्री ने किया कार्यशाला का समापन, बोले- देश में बनी वस्तुओं से प्रेम ही शहीदों को सच्ची श्रद्धाजंलि

संबंधित समाचार