आजमगढ़ : इथियोपिया में फंसे कर्मचारियों के परिजनों ने डीएम से लगाई गुहार….जानें पूरा मामला
आजमगढ़ । इथियोपिया देश में आजमगढ़ मंडल के चार भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। इन नागारिकों की वतन वापसी के लिए परिजनों ने डीएम विशाल भारद्वाज से मदद की गुहार लगाई है। असल में यह नागारिक इथोपिया में नौकरी करने गए थे। सैलरी मांगने पर उन्हें बंधक बना लिया और एक कमरे में बंद कर …
आजमगढ़ । इथियोपिया देश में आजमगढ़ मंडल के चार भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। इन नागारिकों की वतन वापसी के लिए परिजनों ने डीएम विशाल भारद्वाज से मदद की गुहार लगाई है। असल में यह नागारिक इथोपिया में नौकरी करने गए थे। सैलरी मांगने पर उन्हें बंधक बना लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। यही नहीं उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया।
बता दें कि इन चार नागरिकों तीन आजमगढ़ में वेलकुंडा निवासी संजय कुमार मिश्र, चंदाभारी के राज बहादुर चौबे, जूड़ा रामपुर के संदीप सिंह हैं। वहीं बलिया जनपद के जनऊपुर निवासी धर्मेंद्र यादव को भी बंधक बनाया गया हैं।
बता दें कि पिता की रिहाई और वतन वापसी के लिए संजय मिश्र के बेटे मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि डीएम को प्रार्थना-पत्र दिया है। उनके पिता बंधक बना लिया गया है। उनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया है। उनके साथ तीन अन्य लोगों को एक साथ कमरे में बंद रखा गया है। इस दौरान पिता वतन वापसी को लेकर सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है।
वहीं राज बहादुर चौबे के परिजन भी डीएम से मिलने पहुंचे। उनकी बेटी रूपाली ने कहा कि जल्द से जल्द सरकार उसके पिता की वतन वापसी में सहयोग करे। बंधक संदीप सिंह के पिता विजय प्रताप सिंह का कहना है, “हम लोग बहुत घबराए हुए हैं। जल्द से जल्द हमारे बच्चों की भारत वापसी कराई जाए।”
बता दें कि बीते 09 मार्च को गाजियाबाद की प्रीत मशीनरी रोलिंग मशीन की ओर से आजमगढ़ के तीन लोगों को इथियोपिया भेजा गया था। थदास स्टील ने इन नागरिकों वीजा बनवाया था। कहा था कि इथियोपिया में एक प्रोजेक्ट शुरू करना है। तीन महीने बाद इन चारों की भारत वापसी तय हुई थी। संजय मिश्रा इस कंपनी में बतौर रोलिंग फोरमैन और बाकी तीनों लोग फिटर के पद पर तैनात हुए थे।
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