हल्द्वानी: गर्भवती महिलाओं पर कोरोना का कहर

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण का कहर लगातार बढ़ रहा है। अब संक्रमण ने गर्भवती महिलाओं को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में महिला अस्पताल में इलाज के लिए आयीं 19 गर्भवती महिलाओं में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना के मामूली लक्षण होने से सभी महिलाएं सुरक्षित हैं। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण का कहर लगातार बढ़ रहा है। अब संक्रमण ने गर्भवती महिलाओं को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में महिला अस्पताल में इलाज के लिए आयीं 19 गर्भवती महिलाओं में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना के मामूली लक्षण होने से सभी महिलाएं सुरक्षित हैं।

महिला अस्पताल में कोरोना जांच के लिए बनाये गये सेंटर में रोजाना 10 से 15 महिलाओं का टेस्ट हो रहा है। अस्पताल से महिलाओं के सैंपल जांच के लिए राजकीय मेडिकल कालेज की लैब में भेजे जा रहे हैं। बीती एक अगस्त से आठ अगस्त तक करीब 186 महिलाओं के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गये हैं। इनमें से 19 महिलाओं में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जांच में रोजाना एक या दो गर्भवती महिलाओं में संक्रमण मिल रहे है।

सीएमएस महिला अस्पताल डा. ऊषा जंगपांगी के अनुसार कुछ महिलाओं की डिलीवरी के समय कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इस पर उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल में बने कोविड वार्ड में रिफर किया गया, जहां डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना लक्षण प्रेग्नेंसी के दौरान भी वही होते हैं जो आम लोगों में होते हैं। जैसे कि बुखार, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद न आना, थकान लगना जैसे लक्षण। इसलिए अधिक घबराने की जरुत नहीं है।

चार-पांच माह की गर्भवती महिलाओं पर अधिक प्रभाव
महिला अस्पताल की सीएमएस डा. ऊषा जंगपांगी ने बताया कि चार से पांच माह की गर्भवती महिलाओं पर कोरोना का अधिक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में फिलहाल वर्टिकल ट्रांसमिशन का खतरा नहीं देखा गया है। जिन महिलाओं को कोरोना है उनके नवजात को भी संक्रमण हो ऐसा देखने में नहीं आ रहा है।

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