बलिया: ….करालं महाकालकालं कृपालं। गुणागारसंसारपारं नतोऽहं
बलिया । निराकारमोंकारमूलं तुरीयं… गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशं, करालं महाकालकालं कृपालं, गुणागारसंसारपारं नतोऽहं…सावन के अंतिम सोमवार पर जिले शिवालयों में आस्था का सैलाब देखा गया। भोर के पहर से ही शिवालयों और देवालयों के कपाट खोल दिए गये और श्रद्धालुओं ने आशुतोष भगवान की विधिविधान से पूजन-अर्चन के साथ जलाभिषेक किया गया। बता दें कि असेगा गांव …
बलिया । निराकारमोंकारमूलं तुरीयं… गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशं, करालं महाकालकालं कृपालं, गुणागारसंसारपारं नतोऽहं…सावन के अंतिम सोमवार पर जिले शिवालयों में आस्था का सैलाब देखा गया। भोर के पहर से ही शिवालयों और देवालयों के कपाट खोल दिए गये और श्रद्धालुओं ने आशुतोष भगवान की विधिविधान से पूजन-अर्चन के साथ जलाभिषेक किया गया।
बता दें कि असेगा गांव स्थित शोकहरण नाथ महादेव मन्दिर में भोर की पहली किरण फूटने के पहले से ही आना शिवभक्तों का प्रारम्भ हो गया। वहीं बाबा छितेश्वर नाथ महादेव मन्दिर, अवनि नाथ महादेव मन्दिर, महत्पलेश्वर नाथ महादेव मन्दिर, परमेश्वरनाथ शिव मन्दिर, सैदनाथ महादेव मन्दिर, बुढ़वा शिव मंदिर, चंद्रमौलि महादेव मंदिर, बुढ़वा शिव मन्दिर, छोटका शिवाला समेत तमाम शिवालयों में ब्रम्हबेला से ही भक्तों की भीड़ पूजा अर्चना करने के लिए उमड़ पड़ी।
गंगा स्नान के बाद किया जलाभिषेक
बता दें कि शिवलयों में शिव भक्तों ने जलाभिषेक करते हुए विधि विधान से पूजन-अर्चन कर मस्तष्क झुकाया। फिर गंगा स्नान के बाद जलभरण करने के पश्चात अलग-अलग जगहों पर स्थापित औघड़ दानी भगवान शिव को गंगाजल से अभिषेक किया।
बता दें कि सावन मास में सोमवार के दिन का विशेष महत्व होने के कारण सुबह से ही शिव मंदिरों में भजन- कीर्तन, विशेष पूजा और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। इस बीच रुद्राभिषेक आदि पूजन करने वालों को भारी भीड़ की वजह से काफी इंतजार करना पड़ा। हर-हर महादेव, जय शिव-जय शिव आदि उच्चारण व पूजन से पूरा क्षेत्र आशुतोष भगवान शिव की आराधना में शिवमय रहा।
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