यूक्रेन युद्ध के बारे में गलत सूचना फैलाने वाली वेबसाइटों की आई बाढ़

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वाशिंगटन। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के छह महीने बाद, युद्ध के बारे में गलत जानकारियां फैलाने वाली वेबसाइट की बाढ़ आ गई है। ऑनलाइन दुष्प्रचार का अध्ययन करने वाली और इस बारे में जानकारी जुटाने वाली न्यूयॉर्क में स्थित कंपनी ‘न्यूजगार्ड’ ने अब ऐसी 250 वेबसाइट की पहचान की है, जो युद्ध के बारे …

वाशिंगटन। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के छह महीने बाद, युद्ध के बारे में गलत जानकारियां फैलाने वाली वेबसाइट की बाढ़ आ गई है। ऑनलाइन दुष्प्रचार का अध्ययन करने वाली और इस बारे में जानकारी जुटाने वाली न्यूयॉर्क में स्थित कंपनी ‘न्यूजगार्ड’ ने अब ऐसी 250 वेबसाइट की पहचान की है, जो युद्ध के बारे में सक्रिय रूप से गलत जानकारियां फैला रही हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट हाल में बनाई गई है।

यूरोपीय संघ ने युद्ध के बारे में दुष्प्रचार करने और गलत जानकारी देने के लिये रूस के दो बड़े चैनलों ‘आरटी’ और ‘स्पूतनिक’ को ब्लॉक कर दिया था। हालांकि रूस को इन पर प्रतिबंध से बचने के रास्ते मिल गए, जिसके बाद ऐसी वाली वेबसाइटों की बाढ़ आ गई है। इन वेबसाइट ने दुष्प्रचार को छिपाने के लिए नए नए तरीकों का सहारा लेना शुरू कर दिया और अलग – अलग दावे कर रही हैं।

इन वेबसाइट पर जो दावे किए जा रहे हैं, उनमें से एक यह भी है कि यूक्रेन की सेना ने वैश्विक समर्थन हासिल करने के लिए कुछ घातक रूसी हमलों का नाटक किया है। साथ ही यह दावा भी किया जा रहा है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सार्वजनिक रूप से दिखावा कर रहे हैं। वेबसाइटों का दावा है कि यूक्रेन के शरणार्थी जर्मनी और पोलैंड में अपराध कर रहे हैं। कुछ वेबसाइट स्वतंत्र थिंक टैंक या समाचार संस्थान के रूप में काम करने का दावा कर रही हैं। इनमें से लगभग आधी वेबसाइट अंग्रेजी भाषा की हैं, जबकि अन्य फ्रेंच, जर्मन या इतालवी भाषा की हैं।

ये भी पढ़ें:- America: विस्कॉन्सिन में गुरुद्वारे पर हुए हमले की 10वीं बरसी पर स्मारक सभा का किया आयोजन

संबंधित समाचार