अयोध्या: डोर -टू- डोर कूड़ा कलेक्शन से लेकर बनेगा रिसाइकलिंग केंद्र

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अयोध्या। केंद्र सरकार की ओडीएफ प्लस योजना के तहत जिले की 41 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। पांच हजार की आबादी वाली इन ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के तहत निकायों की तर्ज पर कार्य किया जायेगा। खास बात यह है कि अपने गांव को सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए चयनित …

अयोध्या। केंद्र सरकार की ओडीएफ प्लस योजना के तहत जिले की 41 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। पांच हजार की आबादी वाली इन ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के तहत निकायों की तर्ज पर कार्य किया जायेगा। खास बात यह है कि अपने गांव को सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए चयनित पंचायतों को खुद कार्य योजना बनानी होगी। इसके लिए शासन की ओर से उन्हें अतिरिक्त अनुदान दिया जायेगा।

जिले के 794 गांवों के खुले में शौच मुक्त होने के बाद अब केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन ठोस तरल अपशिष्ट प्रबन्धन योजना लागू की है। इस योजना के तहत 5000 आबादी वाली 41 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है।

इन गांवों में दृष्टिगत स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, पृथकीकरण केन्द्र, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन समेत विभिन्न कार्य कराये जाएंगे। इसके अलावा 49 राजस्व ग्राम को भी ओडीएफ प्लस में शामिल किया गया है लेकिन अभी इन गांवों में दूसरे चरण में कार्य होगा।

सबसे अधिक सोहावल की 12 ग्राम पंचायतें हुई हैं चयनित

  • ब्लॉक चयनित ग्राम पंचायत
  • अमानीगंज 4
  • बीकापुर 2
  • हैरिंग्टनगंज 2
  • मसौधा 1
  • मवई 5
  • मया बाजार 3
  • मिल्कीपुर 2
  • पूराबाजार 3
  • रुदौली 6
  • सोहावल 12
  • तारुन 1

यह होंगे काम

इस योजना के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है। सड़क, नाली, जल जमाव पर विशेष फोकस होगा। घर-घर कूड़ा एकत्र किया जायेगा और व्यक्तिगत सोख्ते, सामुदायिक सोख्तों का भी निर्माण होगा। टूटे और खराब शौचालयों का पुनर्निर्माण और लोगों को जागरूक करने का अभियान चलेगा।

कूड़ा एकत्रीकरण पर पंचायतों को मिलेगा पैसा

योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों को कूड़ा एकत्रीकरण पर शासन धनराशि भी प्रदान करेगा। सूखे कचरे के लिए 45 रुपये प्रति व्यक्ति और तरल कचरे के लिए 660 रुपये प्रति व्यक्ति मिलेंगे। यानि पंचायतों को प्रति व्यक्ति कूड़ा कलेक्शन पर कुल 705 रुपये की धनराशि मिलेगी।

कूड़े की रीसाइक्लिंग हो इसके लिए प्रत्येक पंचायत में पृथकीकरण केंद्र बनाए जाएंगे। जहां कूड़े की रिसाइकलिंग की जायेगी। इसके लिए संसाधन शासन उपलब्ध करायेगा। कूड़ा करकट को राजस्व रिसोर्स के रुप में इस्तेमाल किया जायेगा। इसके लिए संविदा पर कर्मचारी भी रखे जाएंगे।

क्या होता है ओडीएफ प्लस गांव?

ओडीएफ प्लस गांव वह होता है जो अपने खुले में शौच से मुक्त होने की स्थिति बनाए रखता है। ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन करता है और स्वच्छ दिखायी देता है। इसके तहत सभी घरों के साथ ही प्राथमिक विद्यालयों, पंचायत इमारतों और आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध होती है।

कोट –इसी वित्तीय वर्ष में यह योजना चयनित गांवों में शुरू होनी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों का चयन कर लिया गया है। ग्राम पंचायतों की ओर से कार्य योजना बना कर देती है संचालन शुरू हो जायेगा। – शीतला प्रसाद सिंह, जिला परियोजना अधिकारी, अयोध्या

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