बरेली: तिरंगा बनाने की जिसको दी जिम्मेदारी, उसी के खाते में भेजी धनराशि
बरेली,अमृत विचार। अधिकृत समूह से तिरंगा न लेकर दूसरे समूह के खाते में धनराशि भेजने के मामले में जिम्मेदार गंभीर नजर आ रहे हैं। गड़बड़ी को लेकर मिशन मैनेजरों पर हुई कार्रवाई के बाद अब उसी समूह के खाते में पांच लाख रुपये भेज दिए गए हैं, जिसकी तिरंगा बनाने की जिम्मेदारी थी। बैंक से …
बरेली,अमृत विचार। अधिकृत समूह से तिरंगा न लेकर दूसरे समूह के खाते में धनराशि भेजने के मामले में जिम्मेदार गंभीर नजर आ रहे हैं। गड़बड़ी को लेकर मिशन मैनेजरों पर हुई कार्रवाई के बाद अब उसी समूह के खाते में पांच लाख रुपये भेज दिए गए हैं, जिसकी तिरंगा बनाने की जिम्मेदारी थी। बैंक से उस समूह के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी गई है।
आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर हर घर तिरंगा फहराने को लेकर तिरंगा बनाने की जिम्मेदारी महिला समूहों को दी गई थी। कई महिला समूहों को काम मिला और उन्होंने तिरंगा बनाकर प्रशासन को सौंपे, लेकिन इस सबके बीच जिला मिशन मैनेजरों की शासन के अतिसंवेदनशील मामले में बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आ गई।
उपायुक्त स्वत: रोजगार मिशन तेजवंत सिंह ने बताया कि तिरंगा बनाने के अभियान को लेकर सभी विभागों को एकता महिला प्रेरणा संकुल संघ मोहनपुर की ओर से बनाए जा रहे तिरंगे को खरीदने के आदेश दिए गए थे। इसको लेकर उपायुक्त स्वत: रोजगार मिशन ने जिला मिशन मैनेजर गुरदीप सिंह, आशुतोष शुक्ल को जिम्मेदारी दी गई थी कि जिला स्तरीय विभागीय ओर से जो भी तिरंगे की मांग होगी, उसके अनुसार एकता महिला प्रेरणा संकुल संघ की ओर से बनाए जाने वाले तिरंगों को विभागों को मुहैया कराकर उसकी तय धनराशि सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) के बैंक ऑफ बड़ौदा मोहनपुर के खाते में भेजी जाएगी।
लेकिन जिन मिशन मैनेजरों को जिम्मेदारी मिली थी, उन्होंने आला अफसरों के संज्ञान में लाए बिना ही ब्लाॅक बिथरी चैनपुर के श्री राधा महिला स्वयं सहायता समूह, निशा स्वयं सहायता समूह बहेड़ी, बालाजी स्वयं सहायता समूह फरीदपुर, बालाजी स्वयं सहायता समूह फरीदपुर इनायत खां, बालाजी स्वयं सहायता समूह भुता की ओर से तैयार तिरंगों को विभागों को दे दिए। यही नहीं, विभागों से मिली धनराशि भी समूहों के खाते में भेज दी थी।
मामला संज्ञान में आने के बाद उपायुक्त स्वत: रोजगार मिशन तेजवंत सिंह ने दोनों मिशन मैनेजरों गुरदीप सिंह, आशुतोष शुक्ल के खिलाफ तहरीर बारादरी थाने पर दी थी। पुलिस ने मिशन मैनेजरों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। अब मामले को लेकर विभाग ने डैमेज कंट्रोल करना शुरू कर दिया है।
पांच लाख की रकम खाते में भेजी
मामले में मिशन मैनेजरों ने दूसरे समूहों के खाते में रुपये भेज दिए थे। यह गड़बड़ी हुई है। मामले में केस दर्ज है। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है। जिस महिला समूह को जिम्मेदारी मिली थी, उसी के खाते में बैंक से धनराशि ट्रांसफर करा दी गई है।—तेजवंत सिंह, उपायुक्त स्वत:रोजगार मिशन
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