लखीमपुर-खीरी: संयुक्त किसान मोर्चा ने भरी हुंकार, मंत्री बर्खास्त न हुआ तो जारी रहेगा आंदोलन
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में चार दिवसीय धरना गुरुवार को राजापुर मंडी में शुरू हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा ने दो टूक कहा कि सरकार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को जब तक बर्खास्त …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में चार दिवसीय धरना गुरुवार को राजापुर मंडी में शुरू हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा ने दो टूक कहा कि सरकार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को जब तक बर्खास्त नहीं करेगी तब तक धरना-प्रदर्शन आयोजित होते रहेंगे। धरने में यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा आदि स्थानों से भी भारी संख्या में किसान शामिल हुए हैं।

तिकुनियां में हुई हिंसा मामले में न्याय की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का राजापुर मंडी समिति में केंद्र सरकार के खिलाफ 75 घंटे का धरना गुरुवार से शुरू हो गया। भाकियू नेता राकेश टिकैत बुधवार की देर रात सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंच गए थे। धरने में दर्शन सिंह पाल, जोगिंदर सिंह उगराहन, मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडे, योगेंद्र यादव और संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य प्रमुख नेता भी गुरुवार को शामिल हो गए।
धरने में शामिल होने पंजाब से हजारों की संख्या में किसान भी आये हैं। यह धरना 18 अगस्त से 21 अगस्त तक चलेगा। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने तीन कृषि कानून और तिकुनियां हिंसा को लेकर जो वादे किए थे। इनमें से कोई वादा पूरा नहीं किया है। निर्दोष किसानों को ही जेल में डाल दिया गया। शहीद हुए चार किसान व एक पत्रकार के परिवार के किसी सदस्य को नौकरी मिली और न ही घायलों को मुआवजा दिया गया।
उन्होंने कहा कि तिकुनियां कांड के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। किसानों की केंद्र से मांग है कि तीन कृषि कानून के विरोध में हुए किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं। इसके अलावा उनकी मांग है कि साल भर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा मिले और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बने।
केंद्र सरकार अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो इसी तरह आगे भी आंदोलन जारी रहेंगे। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने कहा किसानों की लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए 75 घंटे के धरने का आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय संगठन सचिव भूदेव शर्मा ने कहा कि तीन अक्टूबर 2021 को मंत्री के बेटे आशीष मिश्र ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे चार किसानों और एक पत्रकार को कुचल दिया, जिससे पांचों शहीद हो गए।
इस हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। चार दिवसीय महा धरने में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई अन्य हिस्सों से किसान प्रदर्शन में भाग लेने के लिए लखीमपुर पहुंचने लगे हैं। किसान आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। किसान नेता योगेंद्र यादव मेधा पाटकर विर्क समेत कई किसान नेता मंच पर मौजूद रहे।
तिकुनियां हिंसा के साजिशकर्ता हैं टेनी: योगेंद्र यादव
किसान नेता और एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने कहा कि तिकुनियां में हुई हिंसा जलियांवाला बाग कांड से कम नहीं थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी इस हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता हैं। जिन्हें केंद्र सरकार तत्काल बर्खास्त करे। टेनी पर एक नहीं कई मुकदमे है। एफआईआर में टेनी का दो बार नाम दर्ज है। फिर भी पुलिस उन्हें बचा रही है और नामजद नहीं कर रही है। पुलिस उन्हें 120 बी के तहत गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा। हम कोर्ट जाएं। इससे बेहतर होगा कि सरकार पुलिस से कहे कि वह रिपोर्ट दर्ज करे।
भाकियू नेता ने यह रखीं प्रमुख मांग
- केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी कर जेल भेजा जाए।
- लखीमपुर खीरी जेल में बंद तिकुनियां हिंसा के आरोपियों को रिहा किया जाए। उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
- किसान आंदोलन के समय दर्ज हुए सभी केस वापस लिए जाएं।
- गन्ना किसानों का बकाया तुरंत किसानों को दिया जाए।
- किसानों का बिजली बिल माफ किया जाए।
- तिकुनियां हिंसा में घायलों को मुआवजा राशि दी जाए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी।
- फसलों पर एमएसपी की गारंटी ली जाए।
तिकुनियां हिंसा मामले पर एक नजर
कोतवाली तिकुनियां का गांव बनवीरपुर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की पैतृक गांव है। हर साल दो अक्टूबर के उपलक्ष्य पर गांव में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन और उनके पिता की स्मृति में विराट दंगल आयोजित होता है। तीन अक्टूबर 2021 को भी दोनों कार्यक्रमों का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में तत्कालीन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पहुंचना था।
उपमुख्यमंत्री के आने की जानकारी मिलने पर तीन कृषि कानून और किसानों के प्रति केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की पलिया क्षेत्र में की गई टिप्पणी से नाराज हजारों किसान तीन अक्टूबर की सुबह ही तिकुनियां पहुंच गए थे और प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों ने बनाए गए मुख्यमंत्री के हेलीपैड पर भी कब्जा कर लिया था।
इसी बीच लखीमपुर से जब उपमुख्यमंत्री का काफिला लखीमपुर से रवाना हुआ तो उनकी अगवानी के लिए कुछ कार्यकर्ता कारों से बेलरायां की तरफ जा रहे थे। इसी बीच तिकुनियां में काफिले में शामिल अजय मिश्र टेनी की थार गाड़ी से कुचल कर चार किसानों और एक पत्रकार की मौत हो गई थी।
कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद भड़की हिंसा में उग्र भीड़ ने चालक व दो भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर पुलिस के सामने हत्या कर दी थी और वाहनों में आग लगा दी थी। इस मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा मृतक किसानों के परिवार वालों ने दर्ज कराया था। जिसमें केंद्रीय मंत्री का पुत्र आशीष मिश्र मुख्य आरोपी है। दूसरा मुकदमा भाजपा नेता सभासद सुमित जायसवाल मोदी ने किसानों के खिलाफ दर्ज कराया था।
यातायात व्यवस्था को लेकर किया रूट डायवर्जन
पीलीभीत-बस्ती हाईवे से शहर में आने वाली प्रमुख विकास भवन रोड सबसे व्यस्त मार्ग है। इसी मार्ग पर राजापुर मंडी समिति और रोडवेज बस अड्डा भी है। किसानों की भीड़ बढ़ने से मार्ग पर जाम लगने जैसे हालात हो गए। इस पर पुलिस ने वाहनों को रूट डायवर्जन कर दिया। शहर से बड़े वाहनों को सीतापुर, बहराइच, गोला और लहरपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को सौजन्या चौराहा से नौरंगाबाद चौराहा, सलेमपुर होते हुए निकाला गया।
छावनी में तब्दील रहा मंडी परिसर चप्पे पर तैनात रही फोर्स
चार दिवसीय संयुक्त किसान मोर्चा के महाधरना शुरू होने पर राजापुर मंडी समिति छावनी में तब्दील हो गई। मंडी समिति से लेकर सड़कों तक पीएसी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कमिश्नर और आईजी ने मंडी समिति में डेरा डाल दिया है। डीएम-एसपी, सीडीओ समेत तमाम अफसरों की गाड़ियां मंडी समिति से लेकर सड़कों पर दौड़ती रहीं।
किसानों के आंदोलन को लेकर गुरुवार की सुबह लखनऊ कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब, पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ लक्ष्मी सिंह सहित कई बड़े अधिकारी मंडी समिति पहुंचे और किसानों से वार्ता की। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंडी समिति में ही डेरा जमा रखा है। धरना स्थल पर पीएसी सहित भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। मंडी समिति से लेकर शहर के विभिन्न चौराहों और प्वाइंटों पर सशस्त्र जवान तैनात रहे।
लकड़ियां, कंडे और अनाज लेकर पहुंच रहे किसान
चार दिवसीय धरने में यूपी, उत्तराखंड, पंजाब सहित कई प्रदेशों से आने वाले तमाम किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लकड़ियां, कंडा आदि लेकर पहुंच रहे हैं। ताकि लंगर बनने में ईंधन की कोई दिक्कत न आए। मंडी समिति में खाने-पीने के लिए कई स्थानों पर लंगर की व्यवस्था की गई है। लंगर में महिला और पुरुष सब्जी काटने से लेकर बनाने तक के काम में जुटे हैं।
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