मुरादाबाद : कानून व्यवस्था की पोल खोल रहा हमलावरों का दुस्साहस
मुरादाबाद,अमृत विचार। महानगर में गुमराह युवा अपराध की अंधी राह पर आगे बढ़ चले हैं। उन्हें न तो कानून की परवाह रह गई है और न ही जेहन में सिस्टम का खौफ है। एसपी सिटी कार्यालय परिसर में तमंचे के साथ बदमाशों के बेखौफ होकर घुसने की घटना दावे की पुष्टि करता है। गैंगवार के …
मुरादाबाद,अमृत विचार। महानगर में गुमराह युवा अपराध की अंधी राह पर आगे बढ़ चले हैं। उन्हें न तो कानून की परवाह रह गई है और न ही जेहन में सिस्टम का खौफ है। एसपी सिटी कार्यालय परिसर में तमंचे के साथ बदमाशों के बेखौफ होकर घुसने की घटना दावे की पुष्टि करता है। गैंगवार के रूप में बढ़ रहे छात्र गुटों के विवादों पर समय रहते यदि नकेल नहीं कसी गई तो आने वाले दिनों में अनहोनी की बड़ी घटनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता।
पांच जून 2021 को मझोला थानाक्षेत्र स्थित लाइनपार में छात्रों के दो गुटों में मारपीट हुई। कुछ ही देर में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर तमंचे व बम से हमला बोल दिया। हमले में कोतवाली क्षेत्र के कंजरी सराय निवासी देव कश्यप (17) व उसके दोस्त गोलू व बीनू घायल हो गए। देव कश्यप की हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। बारहवीं के छात्र देव कश्यप ने दिल्ली में उपचार के दौरान दो दिन बाद दम तोड़ दिया। प्रकरण में 19 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। वहां से सभी जेल भेज दिए गए। जेल गए अभियुक्तों में वह अंकित सोनकर भी शामिल है, जिसे गुरुवार देर रात एसपी सिटी कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे ने हमले के दौरान कैद कर लिया।
अंकित की पहचान वहां तैनात पुलिस के जवानों ने की। इसके बाद से ही गुरुवार देर रात हुई दुस्साहसिक घटना के तार एक वर्ष पूर्व हुए देव कश्यप हत्याकांड से जोड़े जाने लगे। हालांकि पीड़ितों की तहरीर व बयान में विरोधाभास ने पूरी घटना को दिलचस्प बना दिया है। मुकदमा वादी आर्यन शर्मा ने बताया कि वह फिलहाल पढ़ाई कर रहा है। कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद चारों दोस्त एकसाथ वापस लौट रहे थे। हरिद्वार हाईवे पर एसएसपी आवास के समीप माडल शाप के सामने एक दर्जन से अधिक युवक खड़े थे। स्कूटी सवार चारों दोस्तों को देख कर उन्होंने पीछा करना शुरू कर दिया। तब वह भागते हुए एसपी सिटी कार्यालय के समीप पहुंचे। वहां अमन गुप्ता नवीं वाहिनी पीएसी परेड ग्राउंड में जाकर छिप गया। जबकि आर्यन हरिद्वार हाईवे पर एक खोखे के पीछे जाकर छिपा।
इधर अर्पित मदान व सुमित एसपी सिटी कार्यालय में जा घुसे। चारों युवकों को ढूंढने के बाद हमलावर गाली-गलौज व फायरिंग करते वापस लौटने लगे। तभी आर्यन शर्मा पर उनकी नजर पड़ गई। उन्होंने आर्यन की पिटाई की।
पुलिस के हस्तक्षेप बाद हमलावर वहां से भाग निकले। घटना के कारणों के बाबत आर्यन ने बताया कि वह हमलावरों को नहीं पहचानता। दोस्त अर्पित मदान की मदद से उसने हमलावरों की पहचान की।
मोबाइल फोन को सांप समझ बैठे चौकी इंचार्ज
रेल चौकी क्षेत्र में वारदात के बाद से ही चौकी इंचार्ज साहब दहशत में है। डर का आलम यह है कि वह मोबाइल फोन को भी सांप समझ बैठे हैं। किसी भी सवाल का सीधा जवाब देने की बजाय वह कालर को चौकी पर आने का प्रस्ताव दे रहे हैं। मोबाइल फोन पर बात करने से दो टूक इन्कार करते हुए उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार उर्फ केके ने कहा कि एसपी सिटी कार्यालय के पास बीती रात हुई वारदात के बाबत कोई भी जानकारी या तो वह चौकी आने पर देंगे, या फिर प्रकरण सिविल लाइंस थाने से पता करना होगा। पुलिस के बदले बोल ने एक तरफ जहां मोबाइल फोन की दहशत की ओर इंगित किया, तो दूसरी तरफ दुस्साहसिक घटना में पुलिसिया विफलता को भी बयां किया।
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