प्रशिक्षण के बाद महिला होमगार्ड को करना पड़ा रहा इंतजार…आखिर क्या है वजह
लखनऊ। साल के शुरूआती दौर में योगी सरकार ने महिला होमगार्ड्स को बतौर तोहफे में एक नई जिम्मेदारी देने की घोषणा की थी। इसके तहत यूपी महिला होमगार्ड्स पुलिस की गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी। प्रशिक्षण मिलने के बाद महिला होमगार्ड्स को ड्राइविंग लाइसेंस के सर्टिफिकेट भी मिलेगा। बता दें कि प्रशिक्षण लेने के बाद भी …
लखनऊ। साल के शुरूआती दौर में योगी सरकार ने महिला होमगार्ड्स को बतौर तोहफे में एक नई जिम्मेदारी देने की घोषणा की थी। इसके तहत यूपी महिला होमगार्ड्स पुलिस की गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी। प्रशिक्षण मिलने के बाद महिला होमगार्ड्स को ड्राइविंग लाइसेंस के सर्टिफिकेट भी मिलेगा। बता दें कि प्रशिक्षण लेने के बाद भी महिला होमगार्ड्स अपनी बारी का इंतजार कर रही है। इस इंतजार में करीब आठ महीने का वक्त बीत चुका है। यह जानकारी यूपी होमगार्ड्स के जिला कमांडेन्ट अधिकारी अतुल सिंह ने साझा की है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में करीब दो हजार महिला होमगार्ड्स कार्यरत हैं। जिसमें 200 महिला होमगार्ड्स को थानों, बालिका गृह व महिला थाने में तैनात किया गया है। जिसमें मंडल डिवीजन ट्रेनिंग सेंटर पर राजधानी की 12 महिला होमगार्ड्स को पुलिस पिकअप चलाने का प्रशिक्षण दिया गया था।
ये महिला पूरी तरह से प्रशिक्षित हो चुकी हैं। इसके बाद भी महिला होमगार्ड्स को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से महिला होमगार्ड्स की मांग नहीं आई है। जिस वजह से यह प्रशिक्षित महिला होमगार्ड्स अन्य जगह ड्यूटी कर रहीं हैं। इसके अलावा अन्य महिला होमगार्ड्स को प्रदेश के 12 मंडल डिवीजन ट्रेनिंग सेंटर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह सब महिला होमगार्ड्स अपनी बारी के इंतजार में राह तक रहीं हैं।
होमगार्ड्स जवान भी कानून व्यवस्था कर रहे बरकरार
बता दें कि राजधानी की कानून व्यवस्था को बरकरार बनाने के उद्देश्य से यूपी होमगार्ड्स जवान भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि उप्र होमगार्ड्स अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश द्विवेदी ने बताया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1,34800 लाख होमगार्ड्स की संख्या निर्धारित है। जिनमें लगभग 84000 होमगार्ड्स जवान कार्यरत है। वहीं राजधानी लखनऊ में 42 कंपनियां तैनात है। एक कंपनी में 100 जवान की भर्ती की जाती है। इस तरह से राजधानी में 4200 होमगार्ड्स कायर्रत हैं। जिनकी ड्यूटी थानों के अलावा, वीवीआई सुरक्षा, गेस्टहाउस, ट्रैफिक नियंत्रण आदि में लगाई जाती है।
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