लखीमपुर-खीरी: दो घंटे के मान मनौव्वल पर माने राकेश टिकैत, रोड शो किया स्थगित
अमृत विचार, लखीमपुर-खीरी। संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को मंडी समिति से लेकर कलक्ट्रेट तक रोड शो करने का ऐलान किया था। इससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। हालांकि प्रशासन उन्हें रोड शो करने की अनुमति नहीं दे रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान नेता से बातचीत की। किसान नेता रोड शो निकालने पर …
अमृत विचार, लखीमपुर-खीरी। संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को मंडी समिति से लेकर कलक्ट्रेट तक रोड शो करने का ऐलान किया था। इससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। हालांकि प्रशासन उन्हें रोड शो करने की अनुमति नहीं दे रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान नेता से बातचीत की। किसान नेता रोड शो निकालने पर अड़ गए तो प्रशासन भी किसी कीमत पर अनुमति न देने पर टिका रहा। बंद कमरे में करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद आखिरकार राकेश टिकैत को बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने रोड शो का कार्यक्रम निरस्त कर दिया। उन्होंने मंडी परिसर में ही डीएम को ज्ञापन सौंपा और दोपहर में तीन बजे धरना समाप्त होने का ऐलान किया।
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रशासन से शनिवार को धरना समाप्त से पहले रोड शो करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद भी किसान रोड शो करने पर अड़े थे। किसानों का रुख भांपते हुए प्रशासन भी सख्त हो गया और मंडी समिति की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। मंडी गेट पर एएसपी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में पांच सीओ समेत कई इंस्पेक्टर भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ तैनात कर दिए थे।
पुलिस ने किसी भी कीमत पर किसानों को मंडी समिति गेट के बाहर न निकलने देने की योजना बनाई थी। शनिवार दोपहर मंडी सचिव के कक्ष में डीएम, एसपी, सीडीओ और डीआईजी ने किसान नेताओ के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की, लेकिन प्रतिनिधि मंडल में शामिल किसान नेता राकेश टिकैत अपनी बात पर अड़े रहे। इस पर प्रशासन ने उनसे साफतौर पर कहा कि वह कानून व्यवस्था को देखते हुए किसी भी कीमत पर रोड शो करने की अनुमति नहीं दे सकते।
करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद आखिरकार राकेश टिकैत को बैकफुट पर आना पड़ा और वह मंडी समिति में ही ज्ञापन देने पर राजी हो गए। दोपहर करीब तीन बजे किसान नेता ने प्रतिनिधि मंडल के साथ डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को ज्ञापन सौंपा और धरना समाप्त करने का ऐलान किया।
सीएम योगी से बात कराने को कहा तो प्रशासन ने खड़े किए हाथ
अमृत विचार, लखीमपुर-खीरी। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जब उन्होंने तिकुनियां हिंसा कांड के बाद किसानों और सरकार के बीच हुए समझौते को लेकर प्रशासन से सीएम से बात कराने को कहा तो प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए।
बंद कमरे से बातचीत कर बाहर निकले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासन ने मुख्यमंत्री से बात कराने में असमर्थता जताई है और कहा कि वह समझौते की पूर्ति करने में सक्षम नहीं हैं। समझौते में मारे गए किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी के साथ ही मुआवजा, घायलों को मुआवजा और हिंसा के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने पर सरकार ने सहमति दी थी। इसी पर उनका समझौता हुआ था, लेकिन अब सरकार समझौते से पीछे हट रही है।
उन्होंने कहा कि वार्ता में शामिल अधिकारियों ने अपने उच्च अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि किसान संयुक्त मोर्चा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने, किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने, बिजली बिल 2022 वापस लेने, चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तत्काल करने आदि मांग कर रहा है, लेकिन सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि हमारा आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। जब तक केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी नहीं होती है। तब तक उनका समय समय पर धरना अलग-अलग जिलों में चलता रहेगा।
धरना समाप्त होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था हुई धड़ाम
अमृत विचार, लखीमपुर-खीरी। राजापुर मंडी में चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा का धरना समाप्त होने के बाद जब किसान सड़कों पर आए तो ट्रैफिक व्यवस्था धड़ाम हो गई। सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राजापुर पुलिस चौकी से पीलीभीत-बस्ती हाईवे और राजापुर पुलिस चौकी से रोडवेज बस स्टेंड पर भारी भीड़ रही। किसानों की भीड़ के चलते लोगों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। इससे लोग काफी परेशान परेशान रहे। हालांकि तपती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच ट्रैफिक पुलिस के जवानों के साथ चौराहों पर तैनात पुलिस जवान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पसीना बहाते रहे।
