बहराइच : बिना साइन बोर्ड लगवाए 33 लाख रुपये के भुगतान का आरोप, प्रधानों पर बनाया जा रहा हस्ताक्षर करने का दबाव
बहराइच, अमृत विचार। बलहा विकास खंड के ग्राम पंचायतों में साइन बोर्ड लगाने में बड़ा घोटाला सामने आया है। मनरेगा के तहत गांवों में साइन बोर्ड लगाने का जिम्मा पार्वती प्रेरणा स्वयं सहायता समूह को मिला था। लेकिन विकास खंड के अधिकारियों ने बिना बोर्ड लगवाए ही 32.53 लाख रुपए का भुगतान संबंधित समूह के …
बहराइच, अमृत विचार। बलहा विकास खंड के ग्राम पंचायतों में साइन बोर्ड लगाने में बड़ा घोटाला सामने आया है। मनरेगा के तहत गांवों में साइन बोर्ड लगाने का जिम्मा पार्वती प्रेरणा स्वयं सहायता समूह को मिला था। लेकिन विकास खंड के अधिकारियों ने बिना बोर्ड लगवाए ही 32.53 लाख रुपए का भुगतान संबंधित समूह के नाम कर दिया। इसके बाद ब्लॉक के अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों पर हस्ताक्षर बनवाने का दबाव बनाया। जब प्रधानों ने विरोध किया तो अब साइन बोर्ड का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार बलहा के बीडीओ व एपीओ की मिलीभगत से साइन बोर्ड के नाम पर पार्वती प्रेरणा स्वयं सहायता समूह फार्म पर लगभग 33 लाख रुपये का फर्जी भुगतान निकाल लिया गया है। बलहा के 59 ग्राम पंचायतों में सत्र 2021 -2022 में मनरेगा के तहत साइन बोर्ड के निर्माण कर ग्राम पंचायतों में लगवाने वाली संस्था पार्वती प्ररेणा स्वयं सहायता समूह के खाते में विगत माह2022 बीडीओ बलहा संजीव कुमार व एपीओ अनिल तिवारी ने मिलीभगत कर लगभग 723 साइन बोर्ड का प्रति बोर्ड ₹4500 रुपये के हिसाब से लगभग 32 लाख 53 हजार पांच सौ रुपये का फर्जी भुगतान निकाला गया है। बलहा से लगभग 25 किलोमीटर दूर गांव के किनारे पर ग्राम पंचायत पकरिया दीवान में 12 महिलाओं के समूह की गठित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पार्वती प्रेरणा स्वयं सहायता समूह जिसके अध्यक्ष रीमा देवी है।
इस संस्था द्वारा सी. आई.बी बोर्ड सीमेंट, पीलर, सीमेंट बेंच एवं सीमेंट बाउंड्री इत्यादि वस्तुओं का निर्माण एवं बिक्री किया जाता है। लेकिन न तो इस संस्था की महिलाओं ने कोई बोर्ड सीमेंट बनाया ना ही ग्राम पंचायतों में लगाया गया। विकासखंड बलहा द्वारा फर्जी भुगतान बीडीओ व एपीओ द्वारा इस संस्था के नाम निकाल कर आपस में बंदरबांट कर लिया गया। जबकि किसी भी फाइल में ग्राम पंचायत का आपूर्ति आदेश फाइल में नहीं है ना ही किसी भी बिल बाउचर पर ग्राम प्रधान ,सचिव, रोजगार सेवक का हस्ताक्षर है। संस्था की अध्यक्ष रीमा देवी का पति लिखीराम रोजगार सेवक है जो इस फर्जीवाड़े में भी शामिल है। इसी तरह सत्र 2020 व 2022 में लक्ष्मी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह राजापुर ने भी लगभग 500 साइन बोर्ड का निर्माण दिखाकर लगभग 33 लाख रुपये का फर्जी भुगतान निकाल चुका है।
ऐसे हुआ खुलासा
ग्राम नानपारा देहाती के प्रधान पीर गुलाम का कहना है कि बीडीओ व एपीओ प्रधानों पर दबाव बनाकर साइन बोर्ड की फर्जी फाइल पर हस्ताक्षर कराना चाहते हैं। लेकिन हम सभी विरोध कर रहे हैं। हम इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी करेंगे।

मात्र 500 बोर्ड का हुआ भुगतान
बीडीओ बलहा संजीव कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि लगभग 500 बोर्ड का भुगतान किया गया है और वह बोर्ड ग्राम पंचायतों में लगे हुए हैं। जबकि उन्हीं के साइन से 723 बोर्ड का भुगतान किया गया है। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर ब्लॉक में हड़कंप मचा हुआ है। बीडीओ और एपीओ जल्दबाजी में पकरिया दीवान पहुंचकर मजदूर लगा कर सीमेंट बोर्ड का निर्माण करवा रहे हैं।
बोले जिम्मेदार
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। 15 दिन से बीमार हूं। जिला मुख्यालय आने के बाद ही कुछ बता सकता हूं।
केडी गोस्वामी, उपायुक्त एनआरएलएम
इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। शिकायती पत्र मिलने पर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
कविता मीना, मुख्य विकास अधिकारी
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