मुरादाबाद : राजस्थानी कारीगरों के गढ़े विघ्नहर्ता पीतलनगरी में होंगे विराजमान
जूही दास, अमृत विचार। गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में तैयारियां चरम पर हैं। कोरोना महामारी के बाद इस साल मूर्तिकारों में उत्साह है। राजस्थान के कारीगरों द्वारा तैयार की गईं भगवान श्रीगणेश की भव्य व दिव्य प्रतिमा पीतलनगरी में विराजमान होंगी। इन कलाकारों की बनाई विघ्नहर्ता गणेश की पगड़ी वाली भव्य मूर्तियां लोगों को …
जूही दास, अमृत विचार। गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में तैयारियां चरम पर हैं। कोरोना महामारी के बाद इस साल मूर्तिकारों में उत्साह है। राजस्थान के कारीगरों द्वारा तैयार की गईं भगवान श्रीगणेश की भव्य व दिव्य प्रतिमा पीतलनगरी में विराजमान होंगी। इन कलाकारों की बनाई विघ्नहर्ता गणेश की पगड़ी वाली भव्य मूर्तियां लोगों को खूब लुभा रहीं हैं। 31 अगस्त को पीतलनगरी के घरों में विघ्नहर्ता विराजमान होंगे।
इस बार 31 अगस्त को गणपति पूजा का भव्य आयोजन होगा। इसको लेकर भक्तों में उल्लास है। कई जगह बड़े और आकर्षक पंडाल में गणपति बप्पा की मूर्तियां विधि-विधान से स्थापित होंगी। गणेश उत्सव को लेकर आम लोगों के बीच खासा उत्साह देखकर मूर्तिकारों में भी ऊर्जा का संचार हो रहा है। राजस्थान के उदयपुर के कलाकार तीन महीने पहले से यहां श्रीगणेश की मूर्ति गढ़ रहे हैं। अब यह काम अंतिम चरण में है। कलाकार बड़ी मूर्तियों के रंग रोगन में दिनरात जुटे हैं। इस बार महंगाई का असर भगवान गणेश की मूर्तियों पर भी दिख रहा है।
मूर्तिकारों ने बताया कि लगभग 20 से 25 फीसदी तक मूर्तियां महंगी हो जाएगी। मूर्तिकार अलग-अलग डिजाइन और पैटर्न में गणेश प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं। बाजार में आठ इंच से लेकर 10 फीट तक की गणेश प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी। महंगी मिलेंगी गणपति बप्पा की मूर्ति: मूर्ति बना रहे कारीगर नंदूराम ने बताया कि श्रीगणेश की छोटी मूर्तियों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस साल कच्चे सामान जैसे मिट्टी, लकड़ी और बांस के दाम बढ़ने के कारण मूर्तियों की लागत भी बढ़ गई है। इस बार कोरोना संक्रमण का असर कम होने से बाजार में लगभग नौ फीट तक की गणेश प्रतिमाएं उतारी जाएंगी।
तीन महीने पहले शुरु कर देते हैं तैयारी
कारीगार नन्हें कुमार का कहना है कि 25 सालों से वह मूर्तियों को गढ़ने का काम कर रहे हैं। बताया कि त्योहार को लेकर 10 इंच से छह फीट तक की बप्पा की 649 मूर्तियां तैयार की हैं। जिनकी कीमत 100 रुपये से लेकर 5000 तक है। बताया कि तीन महीने पहले मूर्तियों को तैयार करने का काम शुरु कर दिया था।
100 रुपये से लेकर 11,000 तक की आकर्षक मूर्तियां उपलब्ध
राजस्थान के कारीगर नंदूराम ने बताया रोजी-रोटी के चलते यहां आते हैं और तीन माह में रच बस जाते हैं। यहां के लोग उनकी सभ्यता को अपनाते हैं और हम यहां की संस्कृति को। सभी साथी कलाकार एक साथ मूर्तियां बनाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे पास 100 लेकर 11000 रुपये तक की मूर्तियां हैं। कोरोना काल के बाद इस बार बड़ी मूर्तियां तैयार की गई हैं। अधिकतम नौ फीट ऊंची गणेश जी की मूर्ति बनाई है। बताया कि फिलहाल छोटी मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
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