शाहजहांपुर: स्वतंत्रता सेनानी का चित्र हटाने पर विधायक सलोना के खिलाफ धरना-प्रदर्शन
अमृत विचार, शाहजहांपुर। क्षेत्र के गांव रुद्रपुर में लगे स्मृति द्वार से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यदेव शास्त्री की फोटो हटना तिलहर की भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा के लिए भारी पड़ गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अपमान के विरोध में स्कूल के बच्चे और स्वतंत्रता सेनानी की बेटी धरने पर बैठ गईं तो विधायक को मौके …
अमृत विचार, शाहजहांपुर। क्षेत्र के गांव रुद्रपुर में लगे स्मृति द्वार से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यदेव शास्त्री की फोटो हटना तिलहर की भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा के लिए भारी पड़ गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अपमान के विरोध में स्कूल के बच्चे और स्वतंत्रता सेनानी की बेटी धरने पर बैठ गईं तो विधायक को मौके पर जाकर न सिर्फ सफाई देनी पड़ी, बल्कि लगवाए गए फ्लैक्स को भी हटवाना पड़ गया। तब जाकर लोग मानें और सात घंटे बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हो सका।
तहसील मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित गांव रुद्रपुर के कन्या संस्कृत महाविद्यालय के बाहर सोमवार की सुबह करीब सात बजे विद्यालय की अधिष्ठाता और संचालक सहित तमाम छात्र छात्राएं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व महाविद्यालय की अधिष्ठाता कुमारी श्री और संचालक अनुभव आर्य कर रहे थे। आरोप था कि भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने गांव के प्रवेश द्वार से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय सत्यदेव शास्त्री का चित्र हटवाकर मोदी, योगी और खुद का फोटो लगा दिया है।
धरनास्थल पर बच्चे नारे लगा रहे थे कि जब, तक सूरज चांद रहेगा, तब तक शास्त्री जी का नाम रहेगा। स्वतंत्रता सेनानी का अपमान करने को लेकर भाजपा विधायक के खिलाफ शुरू हुए धरने की खबर चर्चा में आ गई। उधर, विधायक सलोना कुशवाहा को जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंच गईं।
पहले से मौजूद एसडीएम राशि कृष्णा और प्रभारी कोतवाल संतोष श्रीवास्तव के साथ भाजपा विधायक ने धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनीं, फिर बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की फोटो के ऊपर बाहरी ठेकेदार की गलती से फ्लैक्स लग गया था, जिसे उन्होंने तत्काल हटवाने को कह दिया है।
उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान होने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उनके लिए पूज्यनीय हैं। विधायक के अनुरोध और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की फोटो ढकते हुए लगाए गए नये फ्लैक्स के हटाए जाने के बाद करीब दो बजे सात घंटे बाद धरना समाप्त हो सका। हालांकि इस दौरान धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों ने विधायक की मौजूदगी में एसडीएम राशि कृष्णा को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अपमान के विरुद्ध कार्यवाई करने और द्वार पर उनकी फोटो लगवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
तत्कालीन विधायक की फोटो तो नहीं बनी वजह
तिलहर के गांव रुद्रपुर में सत्यदेव शास्त्री स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति द्वार का निर्माण तत्कालीन विधायक रोशनलाल वर्मा ने कराया था। इस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यदेव शास्त्री और पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा की फोटो लगी है। माना जा रहा है कि पूर्व विधायक की फोटो हटवाने के चलते द्वार पर नया फ्लैक्स लगवाना जरूरी रहा होगा। ऐसे में वर्तमान विधायक की फोटो तो लगना लाजिमी था, लेकिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम से बने द्वार से उनकी फोटो हटना लोगों के गुस्से का कारण बन गया।
नये फ्लैक्स में एक तरफ योगी और मोदी, जबकि दूसरी तरफ तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा की फोटो लगा दी गई। इससे लोगों में रोष व्याप्त हो गया। आखिरकार लोगों के गुस्से को देखते हुए नया फ्लैक्स हटवा दिया गया, जिसके बाद स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व विधायक की फोटो फिर चमकने लगी है।
…और बार बार विधायक को मांगनी पड़ी माफी
धरनास्थल पर विधायक सलोना कुशवाहा ने कह दिया कि यह हमारी विधानसभा क्षेत्र में गुरुकुल महाविद्यालय नहीं आता है। हम दूसरी विधानसभा में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इस पर प्रदर्शनकारियों ने चुटकी लेते हुए कहा कि आपको अपनी विधानसभा क्षेत्र के गांवों का ही पता नहीं। तब ग्राम प्रधान बृजेश कुमार शास्त्री ने विधायक को बताया कि ये गांव तिलहर क्षेत्र में ही आता है। इस पर विधायक सलोना कुशवाहा ने पुनः एक बार माफी मांगते हुए बोलीं, यह भूलवश कह दिया है। इससे पहले धरनास्थल पर पहुंचते ही धरना दे रहे बच्चों से माफी मांगते हुए धरने से उठने का आग्रह किया था।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सहित हर बलिदानी मेरे लिए पूज्यनीय हैं। मेरे द्वारा उनका फोटो हटवाना सपने में भी नहीं सोंचा जा सकता। मैंने करीब 30-40 द्वार के फ्लैक्स बदलवाने का टेंडर दूसरे जिले के ठेकेदार को दिया था। उसकी गलती से सभी फ्लैक्स एक जैसे छप गए, जिससे यह त्रुटि हो गई है। मैंने नया फ्लैक्स हटवा दिया है, जिससे सभी सहमत हो गए हैं—सलोना कुशवाहा, विधायक-तिलहर।
