बरेली: भर्ती होने कार से गए थे रेडियोलॉजिस्ट
बरेली, संजय शर्मा। स्वास्थ्य विभाग ने रामपुर गार्डन के रेडियोलॉजिस्ट के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सरकार की गाइड लाइन को दरकिनार कर दिया। अब तक जितने भी लोग कोरोना पॉजिटिव आए, वे सब सरकारी एंबुलेंस से अस्पतालों में भेजे गए। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के मामले में ऐसा नहीं हुआ। खुद कार चलाकर वह राममूर्ति मेडिकल …
बरेली, संजय शर्मा। स्वास्थ्य विभाग ने रामपुर गार्डन के रेडियोलॉजिस्ट के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सरकार की गाइड लाइन को दरकिनार कर दिया। अब तक जितने भी लोग कोरोना पॉजिटिव आए, वे सब सरकारी एंबुलेंस से अस्पतालों में भेजे गए। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के मामले में ऐसा नहीं हुआ। खुद कार चलाकर वह राममूर्ति मेडिकल कॉलेज तक गए। अब भी उनकी कार वहीं पर खड़ी है।
रामपुर गार्डन निवासी रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की कोरोना रिपोर्ट 26 मई को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट को एंबुलेंस से कोविड एल- वन के लिए तैयार किए गए एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज भेजा जाना था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलॉजिस्ट के लिए सरकार की गाइड लाइन को ताक पर रख दिया। रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के घर स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी एंबुलेंस नहीं भेजी।
एंबुलेंस न पहुंचने पर वह अपनी कार को खुद चलाकर एसआरएमएस तक गए थे और वहां पर भर्ती हुए। अब तक उनकी कार वहीं पर खड़ी हैं। वहीं पर उनकी कार को सैनेटाइज भी किया गया है। इसकी जानकारी जब बड़े अफसरों को लगी तो उन्होंने तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के दोनों जिम्मेदार अफसरों को अपने पास बुलाकर इस मामले में पूछताछ करते हुए नाराजगी भी व्यक्त की थी।
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है कि रेडियोलॉजिस्ट अपनी कार से राममूर्ति मेडिकल कॉलेज तक गए थे। वैसे कोरोना पॉजिटिव मरीजों को नियमानुसार सरकारी एंबुलेंस से ही भेजना चाहिए। -डॉ. वीके शुक्ल, सीएमओ
रेडियोलॉजिस्ट की कार राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में खड़ी है। कार को सैनेटाइज कर दिया गया हैं। उन्हें एंबुलेंस से क्यों नहीं भेजा गया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। -डॉ. रंजन गौतम, एसीएमओ
