पीलीभीत: दुष्कर्म का पाप, सात फेरे लेकर माफ…जेल में बंद युवक पेरोल पर आया बाहर, रचाई शादी
अमृत विचार , पीलीभीत। दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद युवक की आखिरकार उसी लड़की से शादी हो गई। उसकी ओर से दी गयी याचिका पर अदालत ने पेरोल पर चंद घँटे के लिए सलाखों के बाहर भेजा। पुलिस अभिरक्षा में दोनो ने यशवन्तरी देवी मंदिर में पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर …
अमृत विचार , पीलीभीत। दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद युवक की आखिरकार उसी लड़की से शादी हो गई। उसकी ओर से दी गयी याचिका पर अदालत ने पेरोल पर चंद घँटे के लिए सलाखों के बाहर भेजा। पुलिस अभिरक्षा में दोनो ने यशवन्तरी देवी मंदिर में पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। फिर दुल्हन विदा होकर घर गयी और दूल्हावापस जेल भेज दिया गया है।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
शहर की रहने वाली एक युवती ने 17 जुलाई 2022 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। माँ ने उसकी शादी शाहजहांपुर के एक युवक से तय हुई थी। शादी तय होने के बाद युवक ने कई जगह लेजाकर दुष्कर्म किया। दहेज को लेकर बात बिगड़ी और शादी तोड़ दी गई। इस मामले में आठ लोगो पर रिपोर्ट दर्ज हुई। लड़का जेल भेज दिया गया। इसके बाद लड़के की ओर से याचिका दी गयी।
जिसमे बताया कि उसकी शादी की तिथि तय है। इस पर सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार की ओर से मंगलवार पूर्वान्ह 11 से दोपहर तीन बजे तक की पेरोल दी गयी। फिर दोनो परिवार जमा हुए। लड़का जेल से पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया। शहर के प्राचीन मंदिर में दोनों ने पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर दाम्पत्य जीवन मे बंधने का वचन लिया। इसके बाद लड़की अपने घर और लड़का वापस जेल भेज दिया गया।
पूर्व में एक लड़की की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद बंदी की याचिका पर कोर्ट ने आदेश किये। उसका पालन करवाते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई है— हरीश वर्धन सिंह, कोतवाल।
