बरेली: जिला अस्पताल में आंखों की जांच कराओ, ऑपरेशन के लिए बाहर जाओ
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल की ओपीडी में आंख संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी अधिक रहती है। यहां आंखों की जांच के पूरे इंतजाम हैं लेकिन मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन में उपयोग होने वाली फेको मशीन पांच साल से खराब पड़ी है। वह …
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल की ओपीडी में आंख संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी अधिक रहती है। यहां आंखों की जांच के पूरे इंतजाम हैं लेकिन मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन में उपयोग होने वाली फेको मशीन पांच साल से खराब पड़ी है। वह स्टोर में धूल फांक रही है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिला अस्पताल की फेको मशीन कुछ उपकरणों की कमी चलते उपयोग में नहीं ली जा रही है। मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मशीन में कैसेट और फोल्डेबल लेंस लगाया जाता है। यह दोनों उपकरण मुहैया कराने की जिम्मेदारी सीएमओ की है। कई बार जिला अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ को पत्र भेजकर उपकरणों की मांग की, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जिसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है।
ठंड के सीजन में आते हैं सबसे अधिक मरीज
जिला अस्पताल के नेत्र वार्ड प्रभारी डा. एके गौतम के अनुसार अधिकांश मरीज जो कि मोतियाबिंद की बीमारी से ग्रसित होते हैं, वे ठंड के मौसम में ऑपरेशन कराने के लिए आते हैं, लेकिन मशीन खराब होने के चलते उन्हें यहां से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। हालांकि, पांच साल से आंखों के सामान्य ऑपरेशन ही किए जा रहे हैं।
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