अयोध्या: मनरेगा मजदूरों को अब नहीं लगाना पड़ेगा बैंक के चक्कर, बीसी सखियां कार्य स्थल पर ही करेंगी मजदूरी का भुगतान
अयोध्या। बीसी सखियों के माध्यम से अब मनरेगा मजदूरों को साइट पर ही नगद भुगतान व्यवस्था लागू की जा रही है। पहले चरण में 230 ग्राम पंचायतों में मौके पर ही भुगतान की व्यवस्था लागू कर दी गयी है। बता दें कि जिले में कुल 835 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें 103000 मनरेगा जाब कार्ड धारक …
अयोध्या। बीसी सखियों के माध्यम से अब मनरेगा मजदूरों को साइट पर ही नगद भुगतान व्यवस्था लागू की जा रही है। पहले चरण में 230 ग्राम पंचायतों में मौके पर ही भुगतान की व्यवस्था लागू कर दी गयी है। बता दें कि जिले में कुल 835 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें 103000 मनरेगा जाब कार्ड धारक हैं। इस नई व्यवस्था से मनरेगा मजदूरों को बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मनरेगा मजदूरों के भुगतान में काफी दिक्कत रहती है। साइट पर काम के चक्कर में भुगतान लेने का समय भी नहीं मिलता है। शासन की ओर से मनरेगा में मजदूरों को भुगतान के लिए जो व्यवस्था लागू की गयी है उसके तहत बीसी सखियां बायोमैट्रिक उपकरणों और अपेक्षित नगदी के साथ साइटों पर पहुंचेंगीं और मनरेगा मजदूरो को भुगतान नगद कराया जायेगा।
जिले में फिलहाल 230 ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था लागू कर दी गयी है क्योंकि 230 ग्राम पंचायतों में ही बीसी सखियां कार्यरत हैं। शेष ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती होने के बाद व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। पहले चरण में प्रशासन की ओर से बीसी सखियों से जो भुगतान कराया गया उसके भी अपेक्षित परिणाम मिले हैं। 22 अगस्त को ही 6 लाख 40 हजार रुपये का 131 ग्राम पंचायतों में मजूदरों को पहली बार भुगतान किया गया। इसके बाद 23 अगस्त को 114 ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों को आन स्पाट 5.25 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
कोट – मनरेगा में मजदूरों को आन स्पाट भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। फिलहाल 230 ग्राम पंचायतों में इसे प्रभावी कर दिया गया है। परिणामों की समीक्षा की जा रही है। शेष पंचायतों में सखियों के पदों पर जल्द ही भर्ती होगी…अनीता यादव – मुख्य विकास अधिकारी, अयोध्या।
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