मुरादाबाद : भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने जाटलैंड में खेला बड़ा दांव
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। प्रदेश सरकार में दूसरी बार पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जाटलैंड में बड़ा दांव खेला है। किसान आंदोलन के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बड़े जाट चेहरे को आगे करने की सोच को पार्टी ने भूपेंद्र के नाम को …
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। प्रदेश सरकार में दूसरी बार पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जाटलैंड में बड़ा दांव खेला है। किसान आंदोलन के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बड़े जाट चेहरे को आगे करने की सोच को पार्टी ने भूपेंद्र के नाम को आगे कर साकार कर दिया।
भूपेंद्र चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने से अब 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा के निशाने पर यूपी का पश्चिमी क्षेत्र जिसमें जाटलैंड का एक बड़ा हिस्सा आ गया है जिसको साधना केंद्र में अगली सरकार बनाने के लिए अहम है। जमीन से जुड़े भूपेंद्र को पश्चिमी यूपी के जाटलैंड में भाजपा की जड़ें गहरी करने की चुनौती है। किसान आंदोलन में पार्टी की साख डांवाडोल होने का खतरा देख चुकी भाजपा के रणनीतिकारों में प्रदेश में दूसरी बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से संगठन को पुख्ता करने का बड़ा दारोमदार अब भूपेंद्र चौधरी के कंधाें पर है। उन्हें अब जाटलैंड में अपने राजनीतिक अनुभव का दांव चलना होगा। तभी वह पार्टी नेतृत्व के भरोसे पर खरे साबित होंगे।
मुरादाबाद के महेंद्री सिकंदरपुर गांव में एक किसान परिवार में जन्में भूपेंद्र सिंह चौधरी जाट समुदाय में अच्छी पकड़ रखते हैं। शांत स्वभाव, धैर्य और समीकरणों और चुनौतियों को साधने की कला में माहिर भूपेंद्र ने मुरादाबाद के आरएन इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की है। विधानसभा चुनाव में उन्हें सिर्फ मुरादाबाद ही नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सीटें बढ़ाने की जिम्मेदारी थी। हालांकि वह मुरादाबाद में ही पार्टी का पिछला प्रदर्शन दोहरा पाने में सफल नहीं हो पाए थे। क्योंकि 2017 के विस चुनाव में मुरादाबाद में जहां भाजपा ने छह में से दो सीटें जीती थी। वहीं 2022 के चुनाव में यह संख्या घटकर केवल एक पर रह गई थी। लेकिन जाट समीकरण को साधने के लिए पार्टी ने उन पर भरोसा जताना ज्यादा उचित समझा।
पार्टी ने साफ कर दिए अपने इरादे
भूपेंद्र चौधरी को सरकार से प्रदेश संगठन का शीर्ष पद देकर पार्टी ने अपना इरादा साफ कर दिया है। पार्टी नेतृत्व के द्वारा बुधवार को अचानक पंचायतीराज मंत्री को दिल्ली तलब करने से प्रदेश अध्यक्ष की रेस में वह अचानक सबसे तेज हो गए। देर रात तक दिल्ली में शीर्ष नेताओं के द्वारा समीकरण के हर पहलू पर मंथन करने के बाद आखिरकार गुरुवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके नाम पर मुहर लगा दी। राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के द्वारा मनोनयन का पत्र जारी होते ही भूपेंद्र चौधरी यूपी में पार्टी की प्रमुख धुरी बन कर उभर गए। अब आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी और मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी इसकी प्रबल शीर्ष नेतृत्व को है।
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