अयोध्या: 1.5 लाख विद्यार्थियों के लिए पहुंचीं सिर्फ 65 हजार किताबें, कैसे देंगे तिमाही परीक्षा
अयोध्या। परिषदीय विद्यालयों में तिमाही परीक्षा का समय नजदीक है। ऐसे में अभी भी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पाठ्यक्रम से जुड़ी हुई किताबें नहीं पहुंची हैं। विभाग को प्रकाशन द्वारा करीब 60 विषयों में 12 विषयों की किताबें ही उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में अभी तक आई 65 हजार किताबों को फिलहाल …
अयोध्या। परिषदीय विद्यालयों में तिमाही परीक्षा का समय नजदीक है। ऐसे में अभी भी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पाठ्यक्रम से जुड़ी हुई किताबें नहीं पहुंची हैं। विभाग को प्रकाशन द्वारा करीब 60 विषयों में 12 विषयों की किताबें ही उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में अभी तक आई 65 हजार किताबों को फिलहाल केवल दो ब्लाकों को आवंटित किया गया है।
जिले के 1790 परिषदीय विद्यालयों में पहली कक्षा से आठवीं में करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन सभी छात्रों को निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई जानी हैं। पिछले कई वर्षों से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर बेसिक के स्कूलों का सत्र तो अप्रैल माह से शुरू कर दिया गया, लेकिन कभी भी किताबें समय पर छात्रों को उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जबकि शिक्षा स्तर को सुधारने और स्कूलों में शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थित के लिए स्कूल चलो अभियान के तहत तमाम प्रयास किए जाते हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि केवल 65 हजार किताबों में डेढ़ लाख पंजीकृत छात्र – छात्राएं कैसे पढ़ाई करेगें। जो किताबें आई भी हैं उनमें से 40 हजार किताबों को दो खंड शिक्षा क्षेत्रों सोहावल और रुदौली को ही आवंटित किया गया है, जबकि 25 हजार किताबें अभी बेसिक शिक्षा कार्यालय के स्टोर रूम में ही डंप हैं। विभाग के सामने संकट यह कि इन 25 हजार किताबों को बचे नौ खंड शिक्षा क्षेत्रों में से किस क्षेत्र को आवंटित किया जाए।
अबकी 16 हजार नए दाखिले, किसी को नहीं मिलीं किताबें
जिले में संचालित परिषदीय स्कूलों में करीब 16 हजार नए छात्रों के दाखिले हुए हैं। अप्रैल से सत्र शुरू होने के बाद करीब पांच माह का समय पूरा हो चुका है। बड़ी संख्या में छात्र बिना किताबों के स्कूल पहुंच रहे हैं। इसी बीच तिमाही परीक्षा शीघ्र ही होनी है, जिसकी समय सारिणी जल्द जारी की जायेगी। ऐसे में छात्र बिना किताब पढ़े ही परीक्षा देने को मजबूर होंगे। बता दें कि पिछले सत्र में भी किताबें काफी लेट छात्रों को मिली थीं।
नहीं काम आया पूर्व छात्रों से किताबें लेने का फार्मूला
बेसिक शिक्षा विभाग ने पाठ्य पुस्तकों के संकट को लेकर पूर्व छात्रों से किताबें लेकर नए छात्रों को देने का फार्मूला अपनाया था, लेकिन वह भी काम नहीं आया। बताते हैं कि अधिकतर स्कूलों में इस फार्मूले के तहत शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ही नहीं किया, जिस कारण आज भी अधिकतर स्कूलों में बिना किताब के पढ़ाई हो रही है। किताबों के वितरण की स्थित उस समय यह देखने को मिल रही है, जब कक्षा व आयु वर्ग के हिसाब से छात्रों के ज्ञान का स्तर परखा जाना है।
अब तक आई हैं इन विषयों की पाठ्य पुस्तकें
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार अब तक जिले में 12 विषयों की ही पाठ्य पुस्तकें आई हैं, जिनमें विज्ञान भारती कक्षा 6, कृषि विज्ञान कक्षा 6 ,दीक्षा कक्षा 7, हमारा भूमंडल कक्षा 7, हमारा परिवेश कक्षा 3, पर्यावरण कक्षा 4, वाटिका कक्षा 5, संस्कृत सुबोध कक्षा 5, हमारा इतिहास और नागरिक जीवन कक्षा 6, विज्ञान भारती कक्षा 7, संस्कृत पीयूषम कक्षा 3, सीखे गणित कक्षा 6, शामिल हैं, जबकि हमारा इतिहास और नागरिक जीवन कक्षा 8, हमारे आदर्श 8, गणित मंथन 8, भारत की महान विभूतियां कक्षा 7 महान व्यक्तित्व कक्षा 6, संस्कृत निधि कक्षा 6 समेत कई पाठ्य पुस्तकों की अभी तक आपूर्ति नहीं हुई है।
कोट – जिन विषयों की किताबें आई हैं आवश्यकतानुसार उन्हें आवंटित किया जा रहा है। शीघ्र ही अन्य विषयों की किताबें आ जाएंगी। -संतोष कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या
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