कोरोना पर विश्व का पहला उपन्यास लिखने का दावा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कानपुर के एक युवा कॉलेज छात्र ने कोरोना महामारी पर लॉकडाउन में अंग्रेजी में एक उपन्यास लिख डाला है जिसका लोकार्पण 10 जून को होने वाला है। अठारह वर्षीय छात्र यश तिवारी ने दावा किया है कि उनका यह उपन्यास भारत का ही नही बल्कि दुनिया का कोरोना संकट पर …

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कानपुर के एक युवा कॉलेज छात्र ने कोरोना महामारी पर लॉकडाउन में अंग्रेजी में एक उपन्यास लिख डाला है जिसका लोकार्पण 10 जून को होने वाला है। अठारह वर्षीय छात्र यश तिवारी ने दावा किया है कि उनका यह उपन्यास भारत का ही नही बल्कि दुनिया का कोरोना संकट पर पहला उपन्यास है।

कानपुर में जागरण कालेज में पत्रकारिता के छात्र यश तिवारी का कहना है कि ‘पैनेडेमिक 2020′ नामक उनका यह उपन्यास पहले ई बुक के रूप में और उसके बाद प्रिंट के रूप में निकल रहा है। दस जून को इसे ऑनलाइन लांच किया जा रहा है । यह किंडल और अमेज़न पर भी उपलब्ध होगा।

उन्होंने बताया कि कोरोना पर किताबें तो आई है लेकिन यह पहला उपन्यास है। अंग्रेजी में 50 हज़ार शब्दों के उपन्यास को ही उपन्यास माना जाता है। उनका उपन्यास 14 अध्यायों में है। इसमे चार देश की घटनाएं शामिल हैं जिनमें भारत के अलावा चीन अमेरिका और इटली भी शामिल है। इस उपन्यास की घटनाएं सत्य है पर पात्र काल्पनिक हैं। यश तिवारी 16 साल की उम्र में पहला अंग्रेजी उपन्यास ‘ए सेलिबरेशन इन टरबुलेंस’ लिख चुके हैं और उन्हें कई पुरस्कार भी मिले है। वह एक प्रेरक वक्ता भी हैं।

संबंधित समाचार