मोदी के रोने को अधीर रंजन ने बताया ‘नौटंकी’, गुलाम नबी को कहा- अवसरवादी नेता
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि उत्तर भारत के लोग जो हिमालय की चोटी की ओर रहते हैं, यह जज़्बाती, खुददार लोग होते हैं। पिछले 1000 साल से इनकी तासीर आक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ लड़ने की रही …
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि उत्तर भारत के लोग जो हिमालय की चोटी की ओर रहते हैं, यह जज़्बाती, खुददार लोग होते हैं। पिछले 1000 साल से इनकी तासीर आक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ लड़ने की रही है। किसी को इन लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।
मनीष तिवारी ने कहा कि दो वर्ष पहले हम 23 लोगों ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बताया था कि कांग्रेस की परिस्थिति चिंताजनक है जिसपर विचार करने की ज़रूरत है… कांग्रेस की बगिया को बहुत लोगों, परिवारों ने अपने खून से संजोया है। अगर किसी को कुछ मिला वह ख़ैरात में नहीं मिला है।
वहीं, कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हिंदुस्तान में लाखों लोग कोविड से मर रहे थे तब मोदी जी ने किसी के लिए खेद तक व्यक्त नहीं किया, लेकिन जिस दिन गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा में आखिरी दिन था वह उनके लिए रोने लगे। उनका रोना एक नौटंकी था।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि गुलाम नबी के लिए रोने की कोई वजह नहीं थी। उनके लिए कांग्रेस में किसी चीज़ की कमी नहीं थी। आज जब उनको लगा कि उनको कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा के लिए टिकट नहीं मिलेगी तो उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। लोगों को ऐसे अवसरवादी नेताओं के बारे में जानना चाहिए।
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