पंजाब के सरसिनी गांव ने पेश की विकास की झलक, केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

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चंडीगढ़। नवनिर्मित सुदृढ़ सड़कें, एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम, खुली व्यायामशाला, दो अत्याधुनिक विद्यालय, एक छोटी झील और तीन उद्यान जैसी कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्होंने सरसिनी को एक आदर्श गांव का दर्जा दिया और केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल ने इस गांव की खूब तारीफ की है। चंडीगढ़-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब मात्र 2,200 लोगों की आबादी …

चंडीगढ़। नवनिर्मित सुदृढ़ सड़कें, एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम, खुली व्यायामशाला, दो अत्याधुनिक विद्यालय, एक छोटी झील और तीन उद्यान जैसी कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्होंने सरसिनी को एक आदर्श गांव का दर्जा दिया और केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल ने इस गांव की खूब तारीफ की है। चंडीगढ़-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब मात्र 2,200 लोगों की आबादी वाला यह गांव लालरू के पास है। यह गांव चंडीगढ़ से 40 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है।

ग्राम पंचायत ने चार एकड़ में एक छोटी सी झील का निर्माण किया है, जहां बारिश का पानी इकट्ठा कर सिंचाई के लिए उसका उपयोग किया जाता है। गांव में 25 लाख रुपये की लागत से एक पंचायत घर भी बनाया गया है, जिसमें रसोई, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और एक विशाल बैठक हॉल जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं। साथ ही, पंचायत ने सरकारी प्राथमिक स्मार्ट स्कूल में मध्याह्न भोजन किचन शेड का निर्माण करवाया है।

गांव में घर-घर से कूड़ा उठाने की परियोजना भी चल रही है जिसके तहत प्रत्येक घर कूड़ा उठाने वाले को पारिश्रमिक के रूप में 50 रुपये देता है। गीले कचरे को गड्ढों में डाल दिया जाता है, जहां वह 45 दिनों में खाद में बदल जाता है। खाद का उपयोग पौधों के लिए किया जाता है। कचरा संग्रहकर्ता सूखे कचरे को बेचकर अपनी आय अर्जित करता है। इसके अलावा छोटे से वन, श्मशान घाट, पार्कों और सड़कों के किनारे लगभग 15,000 पौधे लगाए गए हैं। कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके परिवार के कईं सदस्य विदेश में रहते हैं।

उनकी भाभी गुरविंदर कौर इस गांव की सरपंच हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने मिलकर फैसला किया कि गांव के लिए कुछ किया जाना चाहिए और तभी से उन्होंने गांव के विकास के लिए काम करना शुरू कर दिया। कुलदीप सिंह ने लगभग 24 साल स्विट्जरलैंड में रहने के बाद अपने गांव में बसने का फैसला किया जबकि उनके छोटे भाई मंजीत सिंह इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं। उन्होंने कहा कि मंजीत ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत और सरकार के कुछ सहयोग से गांव के विकास के लिए धन जुटाया है।

कुलदीप संह ने बताया, पहले विद्यालयों और उद्यानों की हालत खस्ता थी। उन्होंने कहा, ‘‘दो विद्यालयों (एक प्राथमिक स्तर तक और दूसरा उच्च माध्यमिक) को अत्याधुनिक स्कूल में बदलने के अलावा, हमने स्टेडियम बनाने के लिए 37 लाख रुपये खर्च किए थे।” उन्होंने कहा कि हाल में गांव के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल गांव में हुए विकास से काफी खुश थे।

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल पाटिल ने पंजाब के ग्रामीण विकास मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के साथ चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान गांव का दौरा किया था। सरसिनी गांव के निवासियों को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा था, ”सही मायने में आत्मनिर्भर गांव क्या होता है, यह मुझे यहां आने के बाद पता चला है।”

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