लखनऊ : गोमती इंक्लेव में पड़ा सुविधाओं का सूखा, पढ़ें अमृत विचार की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

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लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के शहीद पथ स्थित आवास विकास की अवध बिहार योजना में बने गोमती इंक्लेव समस्याओं का गढ़ बन गया है। अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर एक खूबसूरत आशियाने की चाहत में यहां रहने आये लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जो वादा आवास विकास ने उनसे किया था,वह पूरा …

लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के शहीद पथ स्थित आवास विकास की अवध बिहार योजना में बने गोमती इंक्लेव समस्याओं का गढ़ बन गया है। अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर एक खूबसूरत आशियाने की चाहत में यहां रहने आये लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जो वादा आवास विकास ने उनसे किया था,वह पूरा नहीं हो पा रहा है,यहां के निवासियों को वादों के पूरा होने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि गोमती इंक्लेव में सुरक्षा, पानी, लीकेज तथा लिफ्ट संबंधी तमाम समस्यायें मौजूद हैं। इसके निराकरण के लिए कई बार आवास विकास के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत हुई,लेकिन वह कबतक दूर होगी यह बताने वाला कोई नहीं ।

लोगों ने लाखों रूपये लगा कर बड़ी आशा व विश्वास के साथ गोमती इंक्लेव में फ्लैट्स खरीदा था,लेकिन सुरक्षा के आभाव में आये दिन होने वाली चोरियों से लोग सहमे हुये हैं। इतना ही नहीं यहां फ्लैट्स में अराजक तत्वों की भी आवाजाही बताई जाती है,जिसका सबसे बड़ा उदाहरण यहां आये दिन गाड़ियों में तोड़फोड़ होना है । इसके अलावा आवास विकास के इस 14 मंजिला इमारत में आये दिन लिफ्ट बंद होने व खराब होने से दिक्कत होना आम बात होती जा रही है।

अब जब बात सुरक्षा की हो रही हो,तो अग्निशमन यंत्रों की बात होना भी जरूरी है। यहां गोमती इनक्लेव में कई बार आग लगने की घटना घटित हो चुकी है,गनीमत रही कि यह घंटना मामूली थी,नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था,हालात इतने खराब हैं कि पूरी इमारत में एक दो जगह ही अग्निशमन यंत्र लगे हुये हैं,बाकी जगह गायब हैं।

गोमती इन्क्लेव में करीब 1500 फ्लैट्स हैं,उनमें से करीब 600 फ्लैट्स में लोग रह रहे हैं। यहां रहने वाले डॉ.आर. के. सिंह बताते हैं कि सुरक्षा के नाम पर केवल तीन सुरक्षाकर्मियों पर पूरे कालोनी की जिम्मेदारी है। ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है,आये दिन गाड़ियों में तोड़फोड़ होना आम बात है। पानी कि दिक्कत है,आटोमैटिक वाल्ब खराब हो गये हैं,जो अभी तक बदले नहीं गये हैं। गुलाम रसूल बताते हैं कि आवास विकास ने ठीक से काम नहीं किया है। आवास विकास के अधिकारी गौतम कुमार पर यहां के लोग गैरजिम्मेदार होने का आरोप लगाते हैं।

गार्गी मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा को लेकर कई बार शिकायत की,लेकिन कोई सुनता नहीं है। यहां कोई कभी भी आ जाता है। कोई रोकने वाला नहीं है।

स्मिता पाण्डेय बताती हैं कि यहां कोई भी गलत जानकारी देकर अंदर चला आता है, उसकी पहचान तक जानने की कोशिश सुरक्षा कर्मी नहीं करते हैं।

केशव द्विवेदी बताते हैं कि सोसाइटी में जो भी दिक्कतें आ रही हैं,वह गौतम कुमार की वजह से है। अग्निशमन यंत्र गायब हैं,जबकि आग लगने की घटना हो चुकी है।

सुनिधि तिवारी बताती हैं कि बारिश होती है कार्नर के फ्लैट्स में बारिश के समय पानी अंदर आता है,इसके लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं किया गया है।

रणधीर कुमार पाण्डेय बताते हैं कि क्वालिटी अच्छी नहीं है,पानी तक की टोटियां गुणवत्ता विहीन लगायी गई थीं, जो अब खराब हो गयी हैं।

श्याम कुमार गुप्ता बताते हैं कि टाइल्स खराब लगाई गयी हैं। कई लोगों की टाइल्स बदली गयीं, लेकिन शिकायतों के बाद भी हमारी नहीं बदली गयी। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी टाईल्स खराब होने की बात बताई है।

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