अयोध्या : सफेदपोश और अफसरों के लिए कमाई की खान है डूब क्षेत्र
अमृत विचार, अयोध्या। अयोध्या में मंदिर निर्माण के बाद से जमीनों की खरीद फरोख्त का अवैध खेला शुरू हो गया था। कुछ ही वर्षों में डूब क्षेत्र में भी बड़े-बड़े सौदे और जम कर प्लॉटिंग हो गईं। इन सबके जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि कुछ सफेदपोश और तमाम भ्राष्ट अफसर ही हैं। इन दोनों के …
अमृत विचार, अयोध्या। अयोध्या में मंदिर निर्माण के बाद से जमीनों की खरीद फरोख्त का अवैध खेला शुरू हो गया था। कुछ ही वर्षों में डूब क्षेत्र में भी बड़े-बड़े सौदे और जम कर प्लॉटिंग हो गईं। इन सबके जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि कुछ सफेदपोश और तमाम भ्राष्ट अफसर ही हैं। इन दोनों के लिए अयोध्या के डूब क्षेत्र चारागाह बन चुके हैं।
विपक्ष भी मानता है कि अगर मामले की जांच कराई जाए तो कई राजनेताओं के अलावा नजूल, राजस्व व अयोध्या विकास प्राधिकरण के कई अफसर लपेटे में आ सकते हैं। हालांकि अब सबसे बड़ी चुनौती सरकार के सामने यह है कि वह डूब क्षेत्र की अपनी नजूल व अन्य सरकारी भूमि कैसे तलाशेगी?
माझा-जमथरा क्षेत्र में अयोध्या विकास प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद से उसके अधिकारियों की कलई खुलने लगी है। इसके बाद से लगातार प्राधिकरण कार्रवाई में जुटा है। विकास प्राधिकरण का कहना है कि बिना लेआउट के कैसे यहां कॉलोनियां खड़ी हो गईं, लेकिन यह बात भी सत्य है कि बिना अफसरों की जानकारी के भवन खड़े ही नहीं हो सकते।
हाल ही में विकास प्राधिकरण के एक लेखपाल की वायरल कथित सूची ने भी शहर के नामी-गिरामी लोगों के अवैध कॉलोनाइजर होने की बात सामने आई थी। हालांकि विकास प्राधिकरण उस सूची को फर्जी मानता है, लेकिन वह स्वीकार करता है कि अयोध्या क्षेत्र में बनी 60 से अधिक कॉलोनियां अवैध हैं, जो कि बिना लेआउट व नक्शे के तैयार की गई हैं। बुल्डोजर वाली कार्रवाई से बेशक विभाग अपना कोरम पूरा कर रहे हों, लेकिन सबसे अधिक जलालत तो उन लोगों को झेलनी पड़ रही है, जिन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई की पूंजी मकान बनवाने में लगा दी।
विद्युत विभाग के अफसर भी काट रहे मलाई
जमीनों के धंधे में बड़े-बड़े नेता ही नहीं बल्कि अफसर भी मलाई काट रहे हैं। अयोध्या धाम स्थित एक जगह हो रही अवैध प्लाटिंग में बिजली विभाग के जेई भी हिस्सेदार बताए जा रहे हैं। उन्होंने प्लॉटिंग के दौरान अपने रसूख का फायदा उठाते हुए बिजली के बड़े-बड़े खंभे भी गड़वा दिए, लेकिन इसकी किसी को सुधि नहीं है।
जांच हो जाए तो सैकड़ों अफसर सलाखों की पीछे होंगे: वीरू
डूब क्षेत्र में हुई बेईमानी को लेकर सांसद लल्लू सिंह ने सीएम योगी को पत्र लिखकर एसआईटी जांच की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गौरव तिवारी वीरू कहते हैं कि प्रदेश सरकार के अफसर व जनप्रतिनिधि डूब क्षेत्र में जमीनों के धंधे में संलिप्त हैं। अगर मामले की जांच कराई जाए तो प्राधिकरण, राजस्व व नजूल के सैकड़ों अफसर/कर्मचारी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। जबकि भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण मिल रहा उल्टे बुल्डोजर कार्रवाई करते हुए गरीबों को परेशान किया जा रहा है।
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