मुरादाबाद : प्रतिशोध में जले दोस्तों ने ली थी अंशुमान उर्फ काका की जान, दो आरोपी गिरफ्तार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। बीफार्मा का छात्र अंशुमान उर्फ काका अपने ही दोस्तों के सीने में धधक रही प्रतिशोध की आग की भेंट चढ़ गया। कातिलों ने अंशुमान को महज इस टशन में मौत के घाट उतारा, क्योंकि अंशुमान की दबंग छवि उनकी रंगबाजी की राह में रोड़ा बन गई। छह माह पहले अंशुमान उर्फ काका …

मुरादाबाद, अमृत विचार। बीफार्मा का छात्र अंशुमान उर्फ काका अपने ही दोस्तों के सीने में धधक रही प्रतिशोध की आग की भेंट चढ़ गया। कातिलों ने अंशुमान को महज इस टशन में मौत के घाट उतारा, क्योंकि अंशुमान की दबंग छवि उनकी रंगबाजी की राह में रोड़ा बन गई। छह माह पहले अंशुमान उर्फ काका से हुई मारपीट की घटना दोस्तों के सीने में शूल बनकर धंस गई। आपसी खुन्नस व प्रतिशोध से ग्रस्त दोस्तों ने गोली मारकर बीफार्मा के छात्र की जान ले ली। यह दावा करते गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने अंशुमान हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने बताया कि हत्या में शामिल पांच नामजद अभियुक्तों में से दो को गिरफ्तार करते हुए पुलिस जेल भेज रही है।

कटघर थाना क्षेत्र में पीतल बस्ती पानी की टंकी के पास रहने वाले विश्व प्रताप सिंह के 25 वर्षीय पुत्र अंशुमान प्रताप सिंह उर्फ काका को सोमवार शाम गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने नकुल पुत्र जयसिंह, सुभाष पुत्र सन्तेष यादव, अवनीश पुत्र वालकराम, रचित पुत्र अखलेश शर्मा निवासी पीतल नगरी के अलावा सौरव पुत्र सतीश शर्मा निवासी मंडी चौक के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया।‌ मुकदमा वादी ने पुलिस को बताया कि कत्ल के सभी आरोपी उनके पुत्र के दोस्त हैं। कातिलों को दबोच ने की कोशिश में पुलिस ने छापेमारी शुरू की। कटघर पुलिस के अलावा एसओजी टीम भी कातिलों की टोह लेती रही। गुरुवार को पुलिस ने कत्ल के दो आरोपियों को दबोचा। उनकी पहचान सुभाष व सौरभ के रूप में हुई। दोनों के कब्जे से कत्ल में प्रयुक्त 315 बोर के दो तमंचे के अलावा दो कारतूस भी बरामद हुए।

कातिलों का कबूलनामा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुभाष व सौरभ पहले अंशुमन के दोस्त थे। साथ खाना-पीना व उठना-बैठना था। छह माह पहले दोनों के सामने ही अंशुमन ने नकुल के साथ मारपीट की। इससे नकुल अपने दोस्त अंशुमन से नाराज रहने लगा। नकुल बार-बार सुभाष को उकसाने लगा। दोनों की बिरादरी एक होने की दलील देकर वह मदद की अपील करने लगा। नकुल हरहाल में अंशुमन को सबक सिखाना चाहता था। वारदात से चार-पांच दिन पहले भी अंशुमन व सौरभ के बीच विवाद हो गया। सौरभ के साथ झगड़ा होने की भनक सुभाष व नकुल को लगी। तीनों साथ मिलकर अंशुमान को सबक सिखाने की योजना बनाने लगे। 29 अगस्त की अंशुमन पानी की टंकी के पास पार्क मे बेन्च पर बैठा मिला। तभी सुभाष व सौरभ हाथ में तमन्चा लेकर वहां पहुंचे। योजनाबद्ध तरीके से उन्होंने अंशुमन को गोली मार दी। एक गोली अंशुमन के सीने पर सटाकर मारी। गोली लगते ही अंशुमान लुढ़क गया। तभी एक गोली अंशुमन के पीठ पर सटा कर कातिलों ने मार दी। वारदात में शामिल नकुल पुत्र जयसिंह, अवनीश पुत्र बालकराम व रचित फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

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