अयोध्या : नहीं थमी प्राधिकरण की मनमानी, रसूखदारों पर है मेहरबानी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण की मनमानी कारगुजारी नहीं थम रही है। रसूखदारों पर कार्रवाई के बजाए प्राधिकरण सामान्य जन को बेमानक भवन की नोटिस जारी कर रहा है। प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में एक भी कामर्शियल काम्पलेक्स और बिना मानक के बने बड़ों के भवन नहीं शामिल हैं। जिसे लेकर सवाल …

अमृत विचार, अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण की मनमानी कारगुजारी नहीं थम रही है। रसूखदारों पर कार्रवाई के बजाए प्राधिकरण सामान्य जन को बेमानक भवन की नोटिस जारी कर रहा है। प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में एक भी कामर्शियल काम्पलेक्स और बिना मानक के बने बड़ों के भवन नहीं शामिल हैं। जिसे लेकर सवाल उठ रहा है आखिरकार रसूखदारों पर क्यों नहीं कार्रवाई की चाबुक चल रही है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण शहर के बाशिंदों के साथ कार्रवाई में मतभेद कर रहा है। शहर में कई जगह अवैध निर्माण होने के बाद भी विभाग ने सिर्फ 48 भवन मालिकों को बेमानक भवन के निर्माण पर नोटिस थमाई है। मजे की बात तो यह है इन सभी नोटिसों में कोई भी कामर्शियल भवन शामिल नहीं किया गया है।

प्राधिकरण के परिक्षेत्र में वैसे तो सब गजब ही चल रहा है। अवैध प्लाटिंग से लेकर विभिन्न परियोजनाओं में हाथ की सफाई दिखाई जा रही है। वहीं अब भवनों के मानक में भी एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। बड़ों के आवासीय और कामर्शियल निर्माण को अनदेखा किया जा रहा है। हास्यास्पद यह है कि प्राधिकरण को पूरे शहर में सिर्फ 48 भवन ऐसे मिले जो अवैध लगे।

बाकी दूसरे भवनों को नोटिस न देकर विभाग ने उन्हें वैध करार दे दिया है। हैरत की बात है, इन नोटिस में भी खेल किया है। जिसमें एक भी कामर्शिल भवन को इसमें शामिल नहीं किया गया है। केवल कुछ आवासीय भवनों ही उसकी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। जबकि मौजूदा समय आवासीय से ज्यादा बेमानक कामर्शियल भवनों का निर्माण शहरियों के जीवन यापन में मुसीबत बना हुआ है।

जिन्हें नोटिस देना भी गवारा नहीं समझा है। इन सभी कमर्शियल भवनों में चाहे स्कूल, नर्सिंग होम, गेस्ट हाउस, शापिंग मॉल, होटल हो या फिर अन्य सभी में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई है। मौजूदा समय पर भी जो कामर्शियल व अन्य भवन बनाए जा रहे है। उन पर भी इलाके के अभियंता मौके पर जाकर कुछ ले देकर दयादृष्टि बनाए हुए है। जिसके कारण आज तक अवैध भवनों का निर्माण थम नहीं पा रहा है।

भवनों पर तो भूमि का भी नहीं रखा गया ध्यान

शहर में ऐसे तमाम कामर्शियल भवन बने है। जो कामर्शियल तो छोड़िए आवासीय भूमि में भी नहीं आते है। इसके बाद भी अन्य भूमि में दर्ज जमीनों पर इन्हें खड़ा करा दिया। इसके अलावा कईयों को सरकारी जमीन पर खड़ा करा दिया गया। जिनमें कई स्थानों पर गेस्ट हाउस, होटल और कामर्शियल काम्पलेक्स आदि शामिल हैं। बताया जाता है कि यह दूसरे मानकों के अलावा तय लंबाई के मानक से काफी ऊंचे बने है। जो हर वक्त लोगों के लिए खतरा साबित हो रहे है।

जिन 48 भवन स्वामियों को नोटिस जारी की गई है उनमें 13 रिकाबगंज क्षेत्र, 10 फतेहगंज क्षेत्र, 15 चौक क्षेत्र और 10 नियांवा क्षेत्र के शामिल हैं। नोटिस पाने के बाद इन भवन स्वामियों में हडकंप मचा हुआ है। नियांवा के अशोक अग्रहरी ने बताया कि दो दिनों पहले नोटिस मिली है। उन्होंने बताया कि बाकायदा प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत है ऐसे में नोटिस समझ नहीं आ रही है।

इस सम्बन्ध में अयोध्या विकास प्राधिकरण के नगर नियोजक गोर्की का कहना है कि, मानकों की जांच पड़ताल करके ही अवर अभियंताओं को ऐसे भवनों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है। किसी भी मानक विहीन भवन को छोड़ा नहीं जाएगा। सब पर कार्रवाई होंगी।

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