अयोध्या: प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई छोड़कर बच्चे करते हैं बाकी सारे काम

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। यह तस्वीरें जिले की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था का हाल बयां करने के लिए काफी हैं। हालांकि ऐसा सभी स्कूलों में नहीं होता, लेकिन जहां भी इस तरह के मामले सामने आए वहां जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक तो बच्चे बिन किताब और संसाधनों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं ऊपर से स्कूल …

अयोध्या। यह तस्वीरें जिले की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था का हाल बयां करने के लिए काफी हैं। हालांकि ऐसा सभी स्कूलों में नहीं होता, लेकिन जहां भी इस तरह के मामले सामने आए वहां जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक तो बच्चे बिन किताब और संसाधनों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं ऊपर से स्कूल के जिम्मेदारों द्वारा उनसे कार्य लिया जाना नियमों के विरुद्ध भी है।

जिले में करीब 1800 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं जहां करीब 2 लाख 65 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। गंभीर बात यह है कि जिन विद्यालयों में यह मामले सामने आए हैं वहां स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने बाकायदा इसकी शिकायत दर्ज कराते हुए बच्चों से कार्य लेने पर गहरी आपत्ति भी की। बावजूद इसके अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि इससे पहले एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक द्वारा बच्चों को पीटे जाने का मामला भी सामने आ चुका है।

सीन-एक
बीकापुर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट परिषदीय विद्यालय भैरवपुर टिकरा का एक वीडियो वायरल हुआ। 30 अगस्त को वायरल हुए वीडियो में स्कूल के कुछ बच्चे स्कूल परिसर में कुल्हाड़ी से लकड़ी चीरते हुए दिखाई दे रहे थे। उनके बगल में प्रधानाध्यापिका डिंपल साहू भी खड़ी दिखाई दे रहीं थी। ग्रामीणों ने वीडियो वायरल होने के बाद बच्चों से लकड़ी चिरवाने को लेकर नाराजगी जताई तो खंड शिक्षा अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने जांच की बात कहीं। आज चार दिन हो गए अभी तक जांच जारी है।

अयोध्या-कम्पोजिट विद्यालय भैरवपुर टिकरा

सीन-दो
बीकापुर खंड शिक्षा क्षेत्र का ही प्राथमिक विद्यालय रेवरी चंदीपुर है। 31 अगस्त को यहां बच्चे मध्यान भोजन बनाने के लिए सिलेंडर ढोते दिखाई दिए। इसका भी वीडियो वायरल हुआ। इसे लेकर भी अभिभावकों ने शिकायत दर्ज करायी। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी हैरिंग्टनगंज विजय प्रकाश ने भी जांच करा दोषी पर कार्रवाई की बात कही। लेकिन अभी तक हुआ कुछ भी नहीं।

प्राथमिक विद्यालय रेवरी चंदीपुर

सीन-तीन
खंड शिक्षा क्षेत्र मसौधा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नैपुरा में 1 सितम्बर को कुछ बच्चे क्लास में झाड़ू लगाते पाए गए। स्कूल खुलने के बाद सफाई कर्मी के न आने के कारण बच्चों से सफाई कराई गई। प्रधानाध्यापिका का तर्क था कि सफाईकर्मी के न आने के कारण ऐसा कराना पड़ा। खंड शिक्षा अधिकारी तारकेश्वर पांडेय ने प्रधानाध्यापिका से पूछताछ करने की बात कही। इस मामलें में भी कोई प्रगति सामने नहीं आई।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय नैपुरा

सीन-चार
बीकापुर खंड शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय करनपुर में 26 अगस्त को छात्र – छात्राएं स्कूल पहुंचे तो गेट पर ताला लगा मिला। उनके साथ रसोईयां भी इंतजार करती रही। नौ बजे के करीब एक शिक्षिका आईं तब जाकर स्कूल का ताला खुला। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल अक्सर समय से नहीं खुलता है।

प्राथमिक विद्यालय करनपुर के बाहर खड़े बच्चे।

बच्चों से सिलेंडर ढुलवाने व लकड़ी चिरवाने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो खंड शिक्षा अधिकारी से पूछा जायेगा। जहां तक सफाई की बात है वह मेरा विद्यालय – स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत आता है। इसमें कोई गलत नहीं है …संतोष कुमार राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या।

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