रायबरेली: अतिक्रमण ने बदरंग कर दी सरेनी बाजार की सूरत
रायबरेली। कभी विशाल मैदान पर बिखरी रहने वाली सरेनी की सैकड़ों वर्ष पुरानी बाजार को अतिक्रमण ने बदरंग कर दिया है। प्राकृतिक सौंदर्य से हमेशा घिरी रहने वाली यह बाजार अब सिमटकर अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है। अतिक्रमण के चलते सरेनी बाजार बदतर हालत में पहुंच चुकी है। बाजार के मैदान से लेकर …
रायबरेली। कभी विशाल मैदान पर बिखरी रहने वाली सरेनी की सैकड़ों वर्ष पुरानी बाजार को अतिक्रमण ने बदरंग कर दिया है। प्राकृतिक सौंदर्य से हमेशा घिरी रहने वाली यह बाजार अब सिमटकर अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है।
अतिक्रमण के चलते सरेनी बाजार बदतर हालत में पहुंच चुकी है। बाजार के मैदान से लेकर इससे जुड़े हुए तालाब पर भी कब्जा करके भवन निर्माण हो चुका है। सैकड़ों वर्ष पुरानी इस बाजार में दूर-दूर से व्यवसाई खरीद फरोख्त के लिये आते हैं। यह बाजार चार ग्रामपंचायतों सरेनी, धुरेमऊ, लखनापुर व खा नपुर के मध्य स्थित है। बाजार के बीचोबीच से लालगंज-भोजपुर, सरेनी-पुरेपाण्डेय तथा शिवमंदिर से मौनी मोहल्ला व लखनापुर मार्ग स्थित है।
इन सभी मार्गों पर अतिक्रमण कारियों ने कब्जा जमा रखा है।सरेनी-पुरेपाण्डेय मार्ग सिकुड़कर एक गली के रूप में बची है।शिवमंदिर से मौनी मोहल्ला तक भी अतिक्रमण चरम पर है। बाजार के एक मात्र तालाब पर लोगों के मकान व शौचालय बन गये हैं, जिससे बदबू व सड़ांध से भी लोग परेशान हैं।
लखनापुर मार्ग से पहले रोडवेज बसें निकलती थी किन्तु अब दो वाहनों का आमने-सामने से निकलना कठिन है। स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों व महिलाओं को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
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