बरेली: वकील की जालसाजी, सड़क हादसा बताकर बीमा कंपनी से ले लिए लाखों रुपये

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बरेली, अमृत विचार। मृतकों के परिजन और क्लेम दिलाने वाले वकील ने षड़यंत्र रचकर घटना को गलत तरीके से हादसा बताते हुए बीमा कंपनी से लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले की जांच एसआईटी लखनऊ ने की तो सच्चाई सामने आ गई। एसआईटी ने कोतवाली में अलग-अलग दो मामले दर्ज कराए हैं। कोतवाली के कैनाल कॉलोनी …

बरेली, अमृत विचार। मृतकों के परिजन और क्लेम दिलाने वाले वकील ने षड़यंत्र रचकर घटना को गलत तरीके से हादसा बताते हुए बीमा कंपनी से लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले की जांच एसआईटी लखनऊ ने की तो सच्चाई सामने आ गई। एसआईटी ने कोतवाली में अलग-अलग दो मामले दर्ज कराए हैं। कोतवाली के कैनाल कॉलोनी निवासी चंद्रकली ने 4 फरवरी 2012 में न्यायालय के आदेश पर एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसके पति राजेश कुमार मोटरसाइकिल से बिहटा गांव से बरेली आ रहे थे।

उनके साथ उनका दोस्त भी था। रास्ते में उनकी बाइक खराब हो गई और वह सवारी का इंतजार करने लगे। तभी एक तेज रफ्तार बाइक चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। घायल हालत में उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई । एसआईटी को मामले की जांच में पता लगा कि चंद्रकली के पास वकील हरीश चंद भाटिया का प्रतिनिधि आया था। उसने बताया कि आपके पति की मृत्यु हो गई है। वह न्यायालय से क्लेम करने पर 30 से 40 लाख रुपये दिला देगा।

इसके बाद महिला ने वकील हरीश चंद्र भाटिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि आपके पति की मौत खंभा से टकराने के कारण हुई है। मैं क्लेम दिला दूंगा। वह लालच में वकील की बातों में आ गई। इसके बाद वकील हरीश चंद्र भाटिया ने उनकी फाइल तैयार कर गलत तरीके से न्यायालय में क्लेम के लिए आवेदन कर दिया। मामले की जांच एसआईटी लखनऊ से कराई गई। जांच में भेद खुल गया। एसआईटी की जांच के बाद चंद्रकली देवी निवासी सिंचाई विभाग कॉलोनी, वाहन स्वामी जितेंद्र कुमार निवासी अशोक नगर और अधिवक्ता हरीश चंद्र भाटिया के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।

इसके साथ ही सनसिटी की रहने वाली बीना रानी के छोटे भाई सुनील कुमार सक्सेना ने इज्जत नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बहनोई रविंद्र कुमार सक्सेना 27 दिसंबर 2013 को फन सिटी के पास टहलने निकले थे। इसी बीच नवाबगंज की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कई लोगों ने घटना को देखा था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एसआईटी ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि पंचनामा के समय अज्ञात वाहन बताया गया था।

बाद में क्लेम पाने के लिए वाहन का नंबर खोल दिया गया। एसआईटी की जांच में सुनील कुमार ने गोलमोल बयान दिए। अब जांच पूरी होने के बाद बीना रानी निवासी सनसिटी, सुनील कुमार निवासी बजरिया पूरनमल, वाहन स्वामी सूरज कश्यप निवासी तिलियापुर, वाहन चालक विक्की निवासी जगतपुर और एडवोकेट हरीश चंद्र भाटिया निवासी डीलर चौराहा के खिलाफ धोखाधड़ी व षड़यंत्र रचने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

एसआईटी लखनऊ की जांच के बाद उन्होंने कोतवाली में वकील समेत मृतकों के परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। – हिमांशु निगम, इंस्पेक्टर कोतवाली

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