बरेली: बरेली जंक्शन की सफाई सिर्फ 36 कर्मचारियों के हवाले, कोरोना से पहले 100 से अधिक थे सफाई कर्मी
बरेली, अमृत विचार। बरेली जंक्शन पर मंगलवार को मौजूदा कार्यदायी एजेंसी का सफाई ठेका समाप्त होने के बाद यह काम दूसरी एजेंसी द्वारा किया जाएगा। मगर नया ठेका होने के बाद सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है, क्योंकि नई एजेंसी द्वारा लगभग आधा स्टाफ सफाई व्यवस्था में लगाने की तैयारी है। कम …
बरेली, अमृत विचार। बरेली जंक्शन पर मंगलवार को मौजूदा कार्यदायी एजेंसी का सफाई ठेका समाप्त होने के बाद यह काम दूसरी एजेंसी द्वारा किया जाएगा। मगर नया ठेका होने के बाद सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है, क्योंकि नई एजेंसी द्वारा लगभग आधा स्टाफ सफाई व्यवस्था में लगाने की तैयारी है। कम संख्या में सफाई कर्मचारियों का स्टाफ किस प्रकार व्यवस्था संभाल पाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस बार लेबर से ज्यादा मशीनें भी लगाई जा रही हैं।
बरेली जंक्शन पर मौजूदा समय में सफाई का ठेका किंग सिक्योरिटी कंपनी के पास है। जिसके 65 लोगों का स्टेशन पर 24 घंटे उपलब्ध रहकर तीन शिफ्टों में काम करता है। 6 सितंबर को ठेका खत्म होने के बाद नई एजेंसी पीसीएस द्वारा चार्ज लिया जाएगा। जिसके द्वारा 65 लोगों के सापेक्ष सिर्फ 36 लोगों से काम लिया जाएगा। इन 36 लोगों के स्टाफ में 4 सुपरवाइजर और 32 सफाई कर्मचारी शामिल हैं। बरेली जंक्शन मुरादाबाद मंडल का प्रमुख स्टेशन है।
चारों प्लेटफार्म के अलावा यहां अलग-अलग कार्यालयों में भी सफाई व्यवस्था बड़ी चुनौती का काम है। तीन शिफ्टों के हिसाब से एक शिफ्ट में सिर्फ 12 कर्मचारी ही काम कर पाएंगे। कोरोना काल से पहले की अगर बात करें तो जंक्शन पर करीब 107 सफाई कर्मचारी थे। कोराना के समय यह संख्या 33 कर दी गई। ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बहाल होने पर इसे 65 किया गया। हालांकि कर्मचारियों की कम संख्या पर मंडल के अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी को जो काम सौंपा गया है, उसके हिसाब से स्टाफ पर्याप्त है। रेलवे को बेहतर साफ सफाई से मतलब है, जिसके साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जंक्शन पर आधुनिक मशीनों से होगी सफाई
नए ठेके में रेलवे ने आधुनिक मशीनों को भी शामिल किया है। इसलिए बरेली जंक्शन पर आधुनिक मशीनों द्वारा साफ सफाई की जाएगी। एजेंसी द्वारा 2 जेट प्रेशर मशीन और दो राइडेन मशीनों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मशीनें लगने से भी मैन पावर की बचत होगी।
एजेंसी की तरफ से बताया गया है कि कम से कम 36 लोगों का स्टाफ सफाई व्यवस्था में लगाया गया है। इसके अलावा नई मशीनों को भी ठेके में शामिल किया गया है। जिससे भी मैन पावर की बचत होगी। – सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद रेल मंडल
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