अयोध्या: बिना खुद की फर्म बनाये कर डाला करोड़ों का कारोबार, विभाग की तहकीकात में हुआ खुलासा

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। शहर के सिविल लाइन स्थित व्यापार कर कार्यालय में जाकर एक व्यक्ति ने खुद को सीए बता सस्ते में जीएसटी रिटर्न फाइल करने का वास्ता देकर एक नहीं बल्कि कई फर्म के प्रोपराइटर से आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया। फर्मों के नाम तीन वित्तीय वर्ष में करोड़ों की खरीद-बिक्री कर डाली। …

अयोध्या, अमृत विचार। शहर के सिविल लाइन स्थित व्यापार कर कार्यालय में जाकर एक व्यक्ति ने खुद को सीए बता सस्ते में जीएसटी रिटर्न फाइल करने का वास्ता देकर एक नहीं बल्कि कई फर्म के प्रोपराइटर से आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया। फर्मों के नाम तीन वित्तीय वर्ष में करोड़ों की खरीद-बिक्री कर डाली। टैक्स वसूली को इनकम टैक्स विभाग की टीम संबंधित फर्म संचालकों के दरवाजे पर पहुंची, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। पीड़ितों की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का नामजद अभियोग पंजीकृत किया है और पुलिस तहकीकात में जुट गई है।

जिले के बीकापुर तहसील क्षेत्र स्थित होला पांडेय जासपुर निवासी प्रमोद कुमार पांडेय अपनी फर्म मेसर्स आर्या एसोसिएट एंड जनरल ऑर्डर सप्लायर के तहत कारोबार करते हैं। जीएसटी के सिलसिले में एक दिन वह व्यापार कर कार्यालय आए थे। इसी दौरान कार्यालय में उनकी मुलाकात पड़ोसी जनपद अंबेडकर नगर के महरुआ थाना क्षेत्र स्थित हीरी पकड़िया निवासी महेंद्र यादव से हुई। महेंद्र ने खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताया और कहा कि आपके परिचितों की फर्म का जीएसटी रिटर्न दाखिल करता हूं, आपका भी कम शुल्क में कर दूंगा। भरोसा कर उन्होने फर्म की आईडी और पासवर्ड दे दिया। इसी तरह उसने कई फर्म संचालकों का आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया। महेंद्र ने वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020- 21 तथा 2021-22 का जीएसटी रिटर्न फाइल किया। 24 अगस्त को आयकर की एक टीम प्रमोद पांडेय के दरवाजे पर पहुंची और बताया कि फर्म पर दो करोड़ सात लाख 63 हजार की बिक्री तथा खरीदारी के बावजूद टैक्स नहीं जमा किया गया।

जानकारी पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई मौके पर पहुंची टीम ने पंचनामा तैयार कराया और पिता तथा भाई से हस्ताक्षर करवा अपनी कार्रवाई पूरी की। पीड़ित ने आयकर कार्यालय पहुंच डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता से संपर्क किया तो पता चला कि महेंद्र भी नामधारी मशीनरी एंड टूल्स नामक फर्म का संचालन करता है। महेंद्र यादव की फर्म से संबंधित आयकर अधिकारी से संपर्क किया गया तो पता चला कि कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की गई है। धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए संबंधित फर्म का आईडी और पासवर्ड हासिल होने के बाद महेंद्र ने सब के मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि बदल दिये। अभी तक कुल 14 फर्मों के साथ धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है।

पत्नी बोली नेपाल भाग गया
मामले की जानकारी पर पीड़ितों ने महेंद्र को फोन लगाना शुरू किया तो किसी का फोन नहीं उठा। लोगों ने परिवार से संपर्क किया तो पत्नी ने बताया कि वह नेपाल चले गए हैं। हालांकि व्हाट्सएप कॉल करने पर बात हुई। धोखाधड़ी का खुलासा होने पर महेंद्र भरपाई की बात कह रहा है। कथित सीए महेंद्र यादव ने इसी तरह मायादेवी पाल की फर्म मेसर्स माया देवी कंस्ट्रक्शन नील विहार कॉलोनी अयोध्या से एक करोड़ 70 लाख 60 हजार, यहीं के निवासी दीपक कुमार सिंह की फार्म सिद्धिजा इंटरप्राइजेज के नाम पर एक करोड़ 63 लाख की बिक्री कर डाली और टैक्स की चोरी कर ली।

सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा में नामजद अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।

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