लखनऊ: केजीएमयू कर्मचारियों को मिला शिक्षकों का समर्थन, बढ़ सकती हैं मरीजों की परेशानी

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लखनऊ, अमृत विचार। केजीएमयू शिक्षक संघ ने कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार को अपना समर्थन दिया है। इतना ही नहीं आने वाले समय में शिक्षक संघ भी कार्यबहिष्कार कर सकता है। इसके संकेत आज शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की तरफ से दे दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पहले से कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार …

लखनऊ, अमृत विचार। केजीएमयू शिक्षक संघ ने कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार को अपना समर्थन दिया है। इतना ही नहीं आने वाले समय में शिक्षक संघ भी कार्यबहिष्कार कर सकता है। इसके संकेत आज शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की तरफ से दे दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पहले से कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार से परेशान मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है। इतना कुछ होने के बाद भी सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दरअसल,केजीएमयू के शिक्षक एसजीपीजीआई के समान वेतन,पेमेट्रिक्स एवं ग्रेजुयटी जैसे सेवानिवृत्तिक लाभ की मांग कर रहे थे,इसके लिए शिक्षकों ने करीब एक सप्ताह तक काला फीता बांधकर कार्य किया और अपना विरोध जताया। अभी तक शिक्षकों की मांग को भी सरकार की तरफ से पूरा नहीं किया गया है।

केजीएमयू शिक्षक संघ के महासचिव प्रो.संतोष कुमार बताते हैँ कि केजीएमयू अधिनियम में सरकार द्वारा प्रावधान किए जाने के बावजूद प्राशासनिक उदासीनता के कारण केजीएमयू के शिक्षकों को एसजीपीजीआई के समान वेतन,पेमेट्रिक्स एवं ग्रेजुयटी जैसे सेवानिवृत्तिक लाभ नहीं दिया जा रहा है। आम सभा द्वारा लिए गए निर्णय के तहत सभी शिक्षकों द्वारा 29 अगस्त से लेकर 5 सितम्बर तक काला फीता बांधकर प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया गया, लेकिन शासन द्वारा इसका कोई संज्ञान नही लिया गया।

उन्होंने बताया कि आम सभा में निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों के कार्य वहिष्कार की अवधि में शिक्षकों द्वारा उन्हे सैद्धान्तिक समर्थन दिया जाये। शिक्षक संघ स्थिति पर नजर रखेगा । सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर कार्य बहिष्कार रहने तक शिक्षकगण अपनी मांगों का समर्थन करते रहेंगे। इसके बाद भी हमारी वैधानिक मांगें पूरी न होने पर सभी शिक्षक सामूहिक कार्य वहिष्कार के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी।

इससे पहले केजीएमयू के कर्मचारियों ने भी अपनी मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किया,सरकार की तरफ से उनकों आश्वासन भी मिला,लेकिन आंशिक रूप से उनकी मांगों को पूरा किया गया,बाकी मांगे आज तक नहीं मानी गयी,जिसका नतीजा आज मरीजों को भुगतना पड़ा है। मांगों पर प्रशासनिक उदासीनता के कारण सभी कर्मचारी आज से कार्य वहिष्कार पर हैं, जिसका सभी शिक्षकों द्वारा आम सभा में सर्वसम्मति से समर्थन किया गया।

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