मुरादाबाद : सेवा मित्र पोर्टल भी कामगारों का मददगार नहीं
मुरादाबाद, अमृत विचार। कुशल कामगारों को मिला काम, जन सामान्य को आराम। प्रदेश सरकार की इस योजना में सेवा मित्र पोर्टल भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। जिससे पोर्टल पर पंजीकरण के बाद भी कामगार काम की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं जीएसटी के भारी बोझ से पोर्टल इस वर्ष अब तक मात्र …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कुशल कामगारों को मिला काम, जन सामान्य को आराम। प्रदेश सरकार की इस योजना में सेवा मित्र पोर्टल भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। जिससे पोर्टल पर पंजीकरण के बाद भी कामगार काम की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं जीएसटी के भारी बोझ से पोर्टल इस वर्ष अब तक मात्र छह सेवाप्रदाताओं ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है।
- 18 प्रतिशत जीएसटी और 10 फीसदी देना होता है पोर्टल चार्ज
- 6 सेवा प्रदाताओं ने कराया है रजिस्ट्रेशन, सरकारी विभाग भी नहीं ले रहे सेवा पोर्टल में रुचि
उत्तर प्रदेश सरकार की अभिनव पहल सेवा मित्र सेवा का उद्देश्य कुशल कामगारों को अपने नजदीकी क्षेत्र में रोजगार मुहैया कराना है। इसके लिए कुशल कामगारों को सेवा मित्र पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इसके तहत कारपेंटर, ब्यूटीशियन, पेंटर, नर्सिंग, डायग्नोस्टिक सर्विस, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन आदि अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए अपना नाम, फोन नंबर, पता, जिला, जीएसटी नंबर और पेन नंबर आदि दर्ज करना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन होने के बाद सभी सरकारी विभागों में सेवाएं दे सकते हैं। सरकारी विभाग सेवा पोर्टल पर सर्च करके इन कामगारों को अपने दफ्तरों में काम करने के लिए बुला सकते हैं।
पंजीकरण कराने के लिए जीएसटी और पोर्टल चार्ज भी : सेवायोजन विभाग के सहायक निदेशक कमल किशोर ने बताया कि जनपद में मात्र छह लोगों ने ही सेवा मित्र पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों को 18 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है। साथ ही 10 प्रतिशत पोर्टल चार्ज भी देना होता है। इसकी वजह से इनका मेहनताना अन्य कामगारों की अपेक्षा महंगा पड़ता है। इसीलिए लोग पोर्टल पर दर्ज कामगारों के बजाए अन्य लोगों को बुलाना ज्यादा उचित समझते हैं।
दूसरी ओर जीएसटी और पोर्टल चार्ज की वजह से लोग भी इसमें रजिस्ट्रेशन कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। उधर, सरकारी विभागों की भी इसमें ज्यादा रुचि नहीं है। इस वजह से भी पोर्टल पर दर्ज कामगारों को काम नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए सरकार ने शासनादेश जारी कर सरकारी कार्यालयों के काम इन्हीं कामगारों से कराने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि शासनादेश के बारे में जनपद के सभी सरकारी विभागों को अवगत करा दिया गया है।
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