अयोध्या: अब प्राधिकरण खेल रहा सर्वे और नोटिस का खेल
अयोध्या। बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने की कहावत आपने सुनी होगी। यह आजकल अयोध्या विकास प्राधिकरण पर पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। लखनऊ के लेवाना होटल अग्निकांड के बाद तो प्राधिकरण की लाटरी खुल गई है। पहले तो बिना जांचे परखें धड़ाधड़ नक्शे पास किए अब लेवाना कांड के बाद सर्वे और …
अयोध्या। बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने की कहावत आपने सुनी होगी। यह आजकल अयोध्या विकास प्राधिकरण पर पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। लखनऊ के लेवाना होटल अग्निकांड के बाद तो प्राधिकरण की लाटरी खुल गई है। पहले तो बिना जांचे परखें धड़ाधड़ नक्शे पास किए अब लेवाना कांड के बाद सर्वे और जांच के नाम पर बड़ा खेल शुरु है।
अयोध्या – फैजाबाद में बेमानक होटलों और गेस्ट हाउस ही नहीं तमाम कामर्शियल भवनों की भरमार है। अधिकतर में आग से सुरक्षा के तो दूर सामान्य सुरक्षा तक के मानक नहीं हैं। हास्यास्पद यह है कि ऐसे भवनों के निर्माण के समय जिम्मेदार प्राधिकरण के अफसरों ने कुछ नहीं देखा। न लेआउट परखा न ही भूमि के प्रकार के बारे में जानकारी ली। अफसर अपनी मुठ्ठी गर्म कर धड़ाधड़ नक्शे स्वीकृत करते गए। नतीजा आज दोनों नगरों में बेमानक भवनों की भरमार है। चाहे वह होटल हो, हास्पिटल या फिर कामर्शियल काम्प्लेक्स।
अब जबसे लखनऊ के लेवाना होटल में हादसा हुआ है प्राधिकरण के अफसर फार्म में आ गए हैं। अवर अभियंताओं को सर्वे में लगा रखा है तो खुद होटलों की चेकिंग में जुटे हैं। बताया जाता है कि चेकिंग और सर्वे तो महज दिखावा है असल खेल तो फिर दबाव बना कर अपना उल्लू सीधा करना है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने छह जोन में बंटे नगर में अपने छह अवर अभियंताओं की ड्यूटी सर्वे के लिए लगा रखी है। मानकों की देख के लिए हो रहे सर्वे में अवर अभियंता बड़े आसामियों की तलाश में जुटे हैं। बताया जाता है इसे लेकर बाकायदा अभियंताओं को टार्गेट दिया गया। सूत्रों की मानें तो चार दिनों में केवल तीस भवनों जिनमें आठ होटल और तीन गेस्ट हाउस भी शामिल है का ही सर्वे हुआ है।
पांच साल में 35 होटल व 10 माल के नक्शे किए गए स्वीकृत
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने बीते पांच वर्षों में करीब 35 होटल – गेस्टहाउस और 10 माल के नक्शे स्वीकृत किए हैं। इनमें से 15 होटल गेस्टहाउस अयोध्या और दस फैजाबाद नगर के है। जबकि भवनों के पास नक्शे की जानकारी प्राधिकरण द्वारा नहीं उपलब्ध कराई जा सकी।
प्राधिकरण के नगर नियोजक गोर्की खुद इसकी पुष्टि करते हैं। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि मानक और भूमि का प्रकार देख कर ही सभी नक्शे स्वीकृत किए गए हैं। जहां तक सर्वे की बात है उसमें यह देखा जा रहा है भवन स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्मित है या नहीं। बड़े भवनों के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया गया है या नहीं। उन्होंने बताया कि मंगलवार तक सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अग्निशमन द्वारा भी जारी की जा रही नोटिस
बीते चार दिनों से चल रहे अभियान के तहत अग्निशमन द्वारा भी होटल और गेस्टहाउस को नोटिस जारी की जा रही है। अब तक 18 होटल व गेस्टहाउस को नोटिस दी गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राज किशोर राय ने बताया कि सात दिनों के भीतर नोटिस का जवाब नहीं आता है तो भवन को असुरक्षित मानते हुए उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
