मंत्री सतपाल महाराज ने की उत्तराखंड के पहाड़ों में सीमेंटेड सड़कों के निर्माण की पैरवी
देहरादून, अमृत विचार। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कर्नाटक के बेंगलुरु में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “मंथन” में प्रतिभाग कर राज्य में टनल्स और पहाडों पर सीमेंटेड सड़कों के निर्माण की पैरवी की। इस शिविर में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लोक …
देहरादून, अमृत विचार। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कर्नाटक के बेंगलुरु में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “मंथन” में प्रतिभाग कर राज्य में टनल्स और पहाडों पर सीमेंटेड सड़कों के निर्माण की पैरवी की। इस शिविर में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री भाग ले रहे हैं।
लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि शिविर में सभी राज्यों के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के साथ ही राज्य में सड़कों के निर्माण में नई तकनीक के इस्तेमाल और सुरक्षा की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
महाराज ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अपना मंतव्य प्रकट करते हुए कहा कि पहाड़ों में अधिकांश स्थानों पर गांव सड़कों के ऊपर बसे हैं जिस कारण वायब्रिंग होती है और गांव को खतरा उत्पन्न होता है। उन्होंने जनपद पौड़ी के गुमखाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर भी यही स्थिति उत्पन्न हो रही है इसलिए नेशनल हाईवे निर्माण मानकों में स्थित है बता देते हुए 24 मीटर के स्थान पर 14 मीटर एक्वायर किया जाए जिससे कि गांव बचे रहें।
महाराज ने कहा कि मंथन में उच्च तकनीक जानकारी दी जा रही है जो कि हमारे उत्तराखंड के लिए बहुत उपयोगी है। उत्तराखंड के अंदर टनल्स बनें ताकि लोग शीघ्रता के साथ अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। नई तकनीक को लेकर हमें कार्बन कंटेंट को कम करना है। हम चाहते हैं कि पहाड़ों पर सीमेंटेड सड़कें बनें जिससे हिमपात वाले स्थानों में यातायात सुचारू रूप से चल सके।
