World Suicide Prevention Day : उम्मीद जगाकर लोगों को आत्महत्या करने से बचाएं, जानिए इस साल की थीम

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मुरादाबाद,अमृत विचार। आत्महत्या का विचार जिंदगी के नकारात्मकता से भरने का संकेत है। इससे दूर रहने का उपाय आशा की उम्मीद जगाने से ही संभव है। दुनिया में हर साल 10 लाख से अधिक लोग किसी न किसी वजह से आत्महत्या कर अपनी जिंदगी समाप्त कर लेते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए हर …

मुरादाबाद,अमृत विचार। आत्महत्या का विचार जिंदगी के नकारात्मकता से भरने का संकेत है। इससे दूर रहने का उपाय आशा की उम्मीद जगाने से ही संभव है। दुनिया में हर साल 10 लाख से अधिक लोग किसी न किसी वजह से आत्महत्या कर अपनी जिंदगी समाप्त कर लेते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए हर साल 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोक दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम ‘क्रिएटिंग होप थ्रो एक्शन’ है।

लगभग तीन साल पहले की बात है। जिला अस्पताल में ही एक 16 साल की युवती को बदहाल अवस्था में उसके परिजन लेकर आए थे। वह पूरी तरह से डिप्रेशन की शिकार थी। वह न तो खाना खाती और न ही समय से सोती थी। किसी से बात न करना और एक ही कोने में पूरे दिन बिता देना, उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका था। अगर समय रहते उसका इलाज न किया जाता तो मुमकिन था कि वह आत्महत्या कर लेती।

जिला अस्पताल में मेंटल हेल्थ प्रोग्राम क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट डॉ.एस धनंजय का कहना है कि उनके पास साल में एक या दो मामले ऐसे जरूर आते हैं। जिन पर समय रहते ध्यान न देने पर उनका जीवन खत्म हो जाए। वह कहते हैं ऐसे बहुत से और मामले हैं जो उनकी जानकारी तक नहीं आ पाता है।

डॉ.धनंजय बताते हैं कि 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस है, जो हमें प्रेरित करता है कि हम अपने आसपास के लोगों के साथ खुलकर बात करें। कहते हैं कि उन संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करें, जिसकी वजह से कई बार लोग आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। अगर आप अपने आस-पास किसी भी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक से बदलाव महसूस करते हैं तो जरूरत उस बदलाव के कारणों की चर्चा करें। ऐसा करने से मन में चल रहे आत्महत्या के विचार को कुछ समय के लिए रोका सकता है। इस समय का सही इस्तेमाल कर उस व्यक्ति को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सकता है। उसके मन में आशा और उम्मीद की किरण जगाने से जीवन एक नया मोड़ ले सकता है।

इस साल की थीम

इस साल की विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की थीम ‘’क्रिएटिंग होप थ्रो एक्शन’’ भी इसी सोच पर आधारित है। भारत में प्रति एक लाख व्यक्ति में 11 व्यक्ति आत्महत्या करते हैं। माना जाता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में चार गुना अधिक आत्महत्या करने का विचार आता है।

यह है टोल फ्री नंबर

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट कहते हैं कि जागरूकता के अभाव के चलते ही ऐसा हो रहा है। अगर आप अपने आस-पास किसी के व्यवहार में अचानक बदलाव देखें। कोई व्यक्ति आत्महत्या करने की बात करे तो आप 9412746129 टोल फ्री नंबर पर संपर्क करके इसकी सूचना दे सकते हैं।

इन लक्षणों से करें पहचान

  • अगर कोई व्यक्ति अचानक से हंसना या बोलना बंद कर दे।
  • अकेला रहने लगे।
  • व्यवहार में अचानक तेज गुस्सा या चिड़चिड़ापन होना।
  • भूख न लगना, दैनिक जीवन का काम ठीक से न करना।
  •  किसी भी काम में मन न लगना।
  •  बार-बार आत्महत्या करने के बारे में बोलना।

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