लखीमपुर-खीरी: पुलिस ने नवजात के शव को बिना पोस्टमार्टम किया दफन, महिला दे चुकी है शिशु की हत्या की तहरीर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गोला-गोकर्णनाथ, अमृत विचार। कोतवाली गोला पुलिस की इतनी निष्ठुरता तो देखिए कि उसने आठ सितंबर को मिले एक नवजात शिशु के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए दफन कर दिया, जो हैदराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग लड़की का शिशु माना जा रहा है। किशोरी की मां ने कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज …

गोला-गोकर्णनाथ, अमृत विचार। कोतवाली गोला पुलिस की इतनी निष्ठुरता तो देखिए कि उसने आठ सितंबर को मिले एक नवजात शिशु के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए दफन कर दिया, जो हैदराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग लड़की का शिशु माना जा रहा है। किशोरी की मां ने कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है।

आठ सितंबर को लखीमपुर रोड स्थित एक हॉस्पिटल के सामने बादल नगर में खाली पड़े प्लाट में एक नवजात शिशु के शव को कुत्ते नोचते मिला था। लोगों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर बिना किसी शिनाख्त और बिना पोस्टमार्टम कराए नवजात शव को दफन करवाकर पल्ला झाड़ लिया। इस घटना के दूसरे दिन ही नौ सितंबर को हैदराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कोतवाली में तहरीर दी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को अयोध्यापुर निवासी युवक विपिन बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।

तब गांव के संभ्रांत लोगों ने मिल बैठकर और उनकी बेटी की शादी 22 जून को गोला के शिव मंदिर में करवा दी। शादी के बाद बेटी के ससुराल वाले शारीरिक और मानसिक रूप से बेटी को प्रताड़ित करते रहे। आरोप है कि शादी के बाद उसकी बेटी के गर्भ को गिराने का प्रयास किया गया, सफलता न मिलने पर चार सितंबर को गोला के प्राइवेट अस्पताल में पुत्र का जन्म हुआ।

महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी के ससुराल वालों ने नवजात शिशु को दूसरे डॉक्टर से दिखाने का बहाना बनाकर हत्या कर शव को गायब कर दिया है। अब वह लोग उसकी पुत्री को भी दहेज के लालच में मार देना चाहते हैं, ताकि वह अपने पुत्र की दूसरी शादी कर सकें। माना जा रहा है कि बादलनगर में मिला नवजात शिशु का शव उसी का हो सकता है, जो नाबालिक ने जन्म दिया था।

पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट से खुल सकता है राज
जानकारों का कहना है कि यदि पुलिस दफन किए गए शव का पोस्टमार्टम करवा कर डीएनए टेस्ट करवाए तो पूरी घटना का पर्दाफाश हो सकता है और शिशु के हत्यारे जेल के सीखचों में पहुंच सकते हैं। किंतु पुलिस ने अभी तक महिला की तहरीर पर मुकदमा ही दर्ज नहीं किया है।

ये भी पढ़ें- लखीमपुर खीरी: रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो प्रदेश भर में होमगार्ड कल से करेंगे कार्य बहिष्कार

 

 

संबंधित समाचार