रुद्रपुर: निधि के बायोबैग ने विदेश में बनाई अपनी पहचान, गुजरात के कारखाने में बन रहे बैग

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रुद्रपुर, अमृत विचार। मूल रूप से किच्छा निवासी ब्रिटिश नागरिक निधि कर ने विदेश में प्रदेश का नाम रौशन किया है। निधि के प्लास्टिक बैग के विकल्प के तौर पर बायोबैग को दुनियाभर में प्रोत्साहित किया जा रहा है। निधि को इसके लिए 2021 में बिग सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स (शीर्ष उत्पाद नवाचार पुरस्कार) और अभिनव पर्यावरण …

रुद्रपुर, अमृत विचार। मूल रूप से किच्छा निवासी ब्रिटिश नागरिक निधि कर ने विदेश में प्रदेश का नाम रौशन किया है। निधि के प्लास्टिक बैग के विकल्प के तौर पर बायोबैग को दुनियाभर में प्रोत्साहित किया जा रहा है। निधि को इसके लिए 2021 में बिग सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स (शीर्ष उत्पाद नवाचार पुरस्कार) और अभिनव पर्यावरण उद्यम के लिए राष्ट्रीय एसएमई पुरस्कार (स्वर्ण पदक) से सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक अरुण कर की पत्नी निधि कर का जन्म रुद्रपुर के किच्छा में हुआ। यहां पिता विनोद और माता शैली फुतेला के साथ रहते हुए उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा रुद्रपुर और फिर नैनीताल में प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री लेने के बाद निधि ने फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में काम किया। शादी के बाद वह यूनाइटेड किंगडम चली गईं और पति के व्यवसाय में हाथ बंटाने लगी। पर्यावरण प्रेमी निधि ने बायोबैग बनाने की योजना बनाई, जिससे बढ़ते प्रदूषण को कम किया जा सके।

बता दें कि निधि के बायोबैग बनाने के लिए गुजरात स्थित कारखाने में काम शुरू हो गया है। यहां से यह बैग भारत, यूके, जर्मनी सहित अन्य देशों को एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। यह बैग पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों से तैयार किए जाते हैं। इसकी खासयित यह है कि यह मजबूती के मामले में यह प्लास्टिक को भी मात दे रहे हैं।

निधि के बायोबैग को टीयूवी रीनलैंड (जर्मनी) और यूकेएएस (यूनाइटेड किंगडम) की ओर से बायोडिग्रेडेबल उत्पाद के रूप में प्रमाणित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग की ओर से भी प्रमाणित किया गया है।

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