मुरादाबाद : जिगर फेस्टिवल में बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगर स्वाति ने बांधा समां

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मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से हम फेस्ट द्वारा आयोजित जिगर फेस्ट कार्यक्रम रविवार की रात समापन हो गया। समापन में बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगर स्वाति शर्मा ने अपने गीतों से समां बांधा। देर रात तक चले कार्यक्रम में जुटी भीड़ ने कलाकारों की शानदार प्रस्तुति पर उनका हौसला बढ़ाया। कंपनी बाग …

मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से हम फेस्ट द्वारा आयोजित जिगर फेस्ट कार्यक्रम रविवार की रात समापन हो गया। समापन में बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगर स्वाति शर्मा ने अपने गीतों से समां बांधा। देर रात तक चले कार्यक्रम में जुटी भीड़ ने कलाकारों की शानदार प्रस्तुति पर उनका हौसला बढ़ाया।

कंपनी बाग स्थित पंचायत भवन परिसर में जिगर मंच पर चल रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम के आखिरी दिन गीतकारों के नाम रहा। मोहम्मद जुबैर ने दर्दे दिल, दर्दे जिगर, दिल में जगाया….. गीत पेश कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। महिला सिंगर अनम ने 16 बरस की बाली उमर को सलाम गीत से दर्शकों को तालिया बजाने पर मजूबर कर दिया। इसके बाद जिगर मंच पर चार बैत का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अमरोहा व रामपुर की टीम के बीच मुकाबला हुआ। चार बैत मुकाबले में रामपुर व अमरोहा की टीम ने जिगर मुरादाबादी के शान में कलाम पढ़े।

इसके बाद बालीवुड की प्लेबैक सिंगर स्वाति शर्मा ने अपना मशहूर गाना बन्नो तेरा स्वैगर गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी अन्य प्रस्तुतियों पर देर रात तक लोग वाहवाह करते रहे। गायन प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को चुना गया। आयोजक नजर बिजनौरी ने बताया कि जिगर मुरादाबादी की याद में हुए जिगर फेस्ट में शहर के जिन सिंगर को चुना जायेगा, उन्हे बॉलीवुड में गाना गाने का मौका दिया जायेगा।

कार्यक्रम के अंत में अलग-अलग क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर डीआईजी शलभ माथुर, डा. अनुराग अग्रवाल, नजर बिजनौरी, फरहा खान, जिया उर रहमान, मंसूर सिद्दीकी, सुशील शर्मा, परवेज नाजिम, रफत खान मुरादाबादी, विरेंद्र अरोड़ा व आबिद ठेकेदार शामिल रहे।

हमारे समय में नही मिलता था मंच
जिगर फेस्ट में पहुंची बॉलीवुड की सिंगर स्वाति शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारे समय में प्रतिभाओं को मंच नहीं मिलता था। आज हर राज्य व हर शहर में प्रतिभाओं को मंच के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। यह अच्छी बात है। बताया कि शुरुआत में उन्हें भी बहुत मेहनत करनी पड़ी थी। प्रतिभा दिखाने के लिए मुंबई जाना पड़ा। वहां भी पसीना बहाने के बाद आज इस मुकाम पर पहुंची हूं। उन्होने पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान को अपना प्रेरणास्रोत बताया। स्वाति मुजफ्फनगर से मुंबई अपने सपनो को साकार करने के लिए पहुंची। स्वाति ने जिंदगी की कठिनाइयों पर विजय पाकर जब बन्नो तेरा स्वैगर गाना गया तो फिर इससे मिली शोहरत के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। स्वाति बताती हैं कि उनका पंसदीदा यह इश्क नहीं आसा, बस इतना समझ लीजिए गीत है।

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