आधा दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों का भविष्य अंधकार में, सीनियर रेजिडेंट के पद पर नहीं मिली नियुक्ति
लखनऊ। अभी कुछ दिन पूर्व चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से विशेषज्ञ डाक्टरों की काउंसलिंग करा कर प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में सीनियर रेजीडेंट शिप के लिए भेजा गया था। इसी के तहत अम्बेडकर नगर में स्थित महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में भी कुछ डाक्टरों को काउंसलिंग के बाद एसआर शिप के लिए …
लखनऊ। अभी कुछ दिन पूर्व चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से विशेषज्ञ डाक्टरों की काउंसलिंग करा कर प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में सीनियर रेजीडेंट शिप के लिए भेजा गया था। इसी के तहत अम्बेडकर नगर में स्थित महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में भी कुछ डाक्टरों को काउंसलिंग के बाद एसआर शिप के लिए भेजा गया था।
आरोप है कि पहले तो नियुक्ति देने के नाम पर ही मेडिकल कालेज प्रशासन ने इन चिकित्सकों को परेशान किया। बाद में ज्वाइनिंग दी लेकिन सीनियर रेजीडेंट के तौर पर नहीं बल्कि डिमास्ट्रेट के तौर पर,ऐसे में नियुक्ति के लिए पहुंचे डॉक्टरों ने सीनियर रेजीडेंट के पद पर ही ज्वाइन करने की बात कही। जिस पर अम्बेडकर नगर स्थित मेडिकल कालेज प्रशासन तैयार नहीं है। मेडिकल कालेज प्रशासन नियमों का हवाला दे रहा है।
दरअसल,अनिवार्य शासकीय सेवा बाण्ड के तहत प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में एमडी अथवा एमएस कर चुके डॉक्टरों को दो साल की सीनियर रेजीडेंट शिप करनी थी,उसी के तहत काउंसलिंग करा कर डॉक्टरों को महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज भी भेजा गया था। लेकिन वहां पर कुछ विभागों में एसआर की सीट न होने की बात कह कर डिमास्ट्रेट के पद पर नियुक्ति दी,जिस पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ज्वाइन करने से मना कर दिया।
डॉक्टरों का कहना है कि डिमास्ट्रेट के पद पर एमबीबीएस करने के बाद कार्य किया जाता है,जब हमने एमडी कर रखी है, तो हम डिमास्ट्रेट के पद पर कैसे ज्वाइन करें। बताया जा रहा है कि जब चिकित्सक कालेज में प्रिंसिपल से बात करने जाते हैं,तो उनसे अभद्रता की जाती है। डॉक्टरों का तो यहां तक कहना है कि आगरा व कन्नौज मेडिकल कालेज में सीटें नहीं थी,लेकिन उसके बाद भी नियुक्ति दी गयी।
लेकिन अम्बेडकर नगर मेडिकल कालेज में एसआर शिप के लिए नियुक्ति नहीं मिली,जिससे हमकों आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस मामले में मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ.संदीप कौशिक से बात की गयी,तो उन्होंने बताया कि नियमों के तहत ही नियुक्ति दी जा रही है,जिन विभागों में एसआर की सीट नहीं हैं,वहां पर एसआर कैसे नियुक्त किये जा सकते हैं।
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