अयोध्या: गौआश्रय केंद्र में ताला जड़ चौकीदार हुआ फरार, डिप्टी सीवीओ ने की छानबीन
सोहावल/अयोध्या। सोहावल विकासखंड क्षेत्र में बैदरापुर स्थित पशु आश्रय केंद्र से गोवंश की हड्डियां व खाल के बाहर सप्लाई करने की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। डिप्टी सीवीओ मनोज कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर गोवंशों की गिनती की। रौनाही थाना प्रभारी अक्षय सिंह ने मामले में चार लोगों को हिरासत …
सोहावल/अयोध्या। सोहावल विकासखंड क्षेत्र में बैदरापुर स्थित पशु आश्रय केंद्र से गोवंश की हड्डियां व खाल के बाहर सप्लाई करने की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। डिप्टी सीवीओ मनोज कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर गोवंशों की गिनती की। रौनाही थाना प्रभारी अक्षय सिंह ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन शिकायत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। अब पूरे मामले की जांच एसडीएम सोहावल मनोज कुमार श्रीवास्तव कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पशु आश्रय केंद्र बैदरापुर के गोवंशों की हड्डियां व खाल बेचे जाने का वीडियो वायरल होते ही मामला मीडिया में छा गया। सोमवार सुबह होते ही आश्रय केंद्र का चौकीदार ओम प्रकाश ताला जड़कर गायब हो गया, जिस कारण पशु चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र कुमार और चारे से लदी ट्रॉली बाहर ही खड़ी रही। इसके बाद तैनात दूसरे चौकीदार से गेट खुलवाकर चारा आश्रय केंद्र में भिजवाने का काम किया गया। मौके पर पहुंचे डिप्टी सीवीओ मनोज कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंच कर गोवंशों की गिनती की।
इस दौरान उन्हें मौके पर पांच-पांच फुट के गड्ढे खुदे दिखे। उन्होंने कहा कि नैपियर घास के लिए इसे जोता गया है। हो सकता है कि पशुओं को दफनाने के बाद उनकी अस्थियां फेंकी गई रही होंगी। हालांकि गिनती में 294 पशु मिले हैं, जबकि 4 की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर आज यह मामला पूरी तरह से छाया रहा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी और समाजवादी पार्टी ने अपने अधिकृत ट्विटर हैंडल पर इस मामले को उठाया है।
मामले में लीपापोती शुरू
वीडियो वायरल होने के बाद मामले में ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध दिखने लगी थी। मजदूरों ने ग्राम प्रधान पर संगीन आरोप लगाए थे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामनाथ मौर्य ने इसे ग्राम सभा को बदनाम करने की साजिश बताया है। मालूम हो कि रौनाही पुलिस ने वीडियो वायरल होने के कुछ ही देर बाद चार रैदासों को रात में ही हिरासत में ले लिया। लंबी पूछताछ के बाद और और किसी की तरफ से शिकायत न मिलने पर उन्हें सुबह छोड़ दिया गया, जिसमें एक ड्योढ़ी का व तीन कानुपर के रहने वाले हैं। समझा ये जा रहा कि स्थानीय पुलिस और ग्राम प्रधान की साठगांठ से मामले को रफा दफा करने का ताना बाना बुना जा रहा है।
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