अयोध्या: व्यवसाय की साख पर बट्टा लगा रही बेईमानी की नीयत, बढ़ रहीं शिकायतें, दर्ज हो रहा अभियोग
अयोध्या। व्यवसाय में साख को बड़ी पूंजी माना जाता है। इसी साख के भरोसे बाजार में हजारों, लाखों का ही नहीं करोड़ों का कारोबार होता है। ऊपर से नीचे तक खरीद-बिक्री की एक श्रृंखला बनी हुई है। दशकों ही नहीं सैकड़ों वर्षों से इसी साख पर कारोबार होता चला आ रहा है। हालांकि बेईमानी की …
अयोध्या। व्यवसाय में साख को बड़ी पूंजी माना जाता है। इसी साख के भरोसे बाजार में हजारों, लाखों का ही नहीं करोड़ों का कारोबार होता है। ऊपर से नीचे तक खरीद-बिक्री की एक श्रृंखला बनी हुई है। दशकों ही नहीं सैकड़ों वर्षों से इसी साख पर कारोबार होता चला आ रहा है। हालांकि बेईमानी की नीयत व्यवसाय की साख पर बट्टा लगा रही है। लगभग एक सप्ताह के भीतर ही शहर क्षेत्र के कोतवाली नगर और कैंट पुलिस ने इस तरह के तीन बड़े मामले दर्ज हुए हैं।
कारोबार चाहे कोयले का हो अथवा गिट्टी, मोरंग का। अथवा सोने-चांदी से लेकर बाजार से जुड़ी तमाम वस्तुओं का। व्यवसाय के हर क्षेत्र में धोखाधड़ी और बेईमानी के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। अभी पिछले माह कारोबार को आए एक सरार्फा कारोबारी से करोड़ों का सोना और चांदी हड़प लिया गया था। पुलिस ने चोरी का अभियोग दर्ज किया था और काफी माल भी बरामद किया है।
जमीनों की खरीद-फरोख्त के प्रकरणों में धोखाधड़ी के मामले अक्सर प्रकाश में आते रहे हैं। थाना-चौकी से लेकर समाधान दिवस तक इनसे जुड़े मामलों की शिकायत होती रहती है। हालांकि व्यवसाय के मामलों में इस तरह की बदनीयती तथा गबन के मामले कम ही चर्चा में रहे हैं।
केस-1 स्टोन ग्रिट के कारोबार में हड़पे 63 लाख
जिले की कौशलपुरी कॉलोनी निवासी कारोबारी गोपेश अग्रवाल में अपनी फर्म में एसजी इंटरप्राइजेज के नाम से तीन सालों में अमित इंटरप्राइजेज से रोड मैटेरियल स्टोन ग्रिट की सप्लाई ली। कुछ एक करोड़ 52 लाख 61 हजार 80 रुपये की खरीद में 88 लाख 25 हजार रुपये का ही भुगतान किया। 64 लाख 36 हजार 80 रुपये का बकाया हो गया। अमित इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अमित कुमार ने बार-बार तगादा किया, लेकिन 25 जनवरी 2022 को बकाये में केवल एक लाख रुपये का ही भुगतान किया गया। एसजी इंटरप्राइजेज के गोपेश अग्रवाल ने 63 लाख 36 हजार 80 रुपये का भुगतान नहीं किया।

प्रकरण में अमित इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अमित कुमार पुत्र महादेव निवासी बरदहा जोनिहा थाना बिंदकी जिला फतेहपुर ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र के कौशलपुरी कॉलोनी फेस 2 मकान नंबर 59 ए निवासी एसजी इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर गोपेश अग्रवाल के खिलाफ कैंट थाने में गबन की धारा में नामजद अभियोग पंजीकृत कराया है।
केस-2 कोयले के कारोबार में दिल किया काला
जिले के एक कोयला कारोबारी ने अपनी फर्म श्रीबाला जी फ्यूल्स के नाम गुजरात की फर्म श्रीजी इंटरप्राजेज और शिवा जी कोल ट्रेडर्स के साथ वर्षों कोयले का कारोबार किया। शर्त और समझौता के मुताबिक मोटे उधार का भुगतान एक पखवारे के बीच किया जाना था। हालांकि पिछले डेढ़ वर्षों से दोनों फर्मों का 24 लाख 85 हजार 242 रुपये का भुगतान नहीं किया।

मामले में गबन, धोखाधड़ी, गाली-गलौज, धमकी की धारा में अभियोग दर्ज कराया गया है। पीड़ित मेरठ के पल्लवपुरम पेस-1 डी-14 निवासी रक्षित बंसल पुत्र अनिल बंसल का आरोप है कि तकादा मांगने पर पहले तो बहाने बाजी की फिर एक जमीन का फर्जी बैनामा कर दिया। असलियत पता चलने पर आपत्ति की तो बैनामे के कागजात भी ले लिया और अभद्रता करते हुए धमकाया कि एक भी पैसे का भुगतान नहीं करूंगा। नगर कोतवाली पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर तहकीकात शुरू कर दी है।
केस-3 झांसा दे 14 फर्मों के नाम कर डाली करोड़ों की खरीद-बिक्री
एक शख्स ने खुद को सीए बता सस्ते में जीएसटी रिटर्न फाइल करने का वास्ता देकर एक नहीं बल्कि कई फर्म के प्रोपराइटर से आईडी और पासवर्ड हासिल किया। सभी के मोबाइल व ई-मेल बदल फर्मों के नाम तीन वित्तीय वर्ष में करोड़ों की खरीद-बिक्री कर डाली। टैक्स वसूली को इनकम टैक्स विभाग की टीम संबंधित फर्म संचालकों के दरवाजे पर पहुंची, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का अभियोग पंजीकृत कर तहकीकात में जुटी है। फर्जीवाड़ा कर कथित सीए महेंद्र निवासी हीरी पकड़िया थाना महरूवा जनपद अंबेडकरनगर फरार है। पीड़ितों के मोबाइल कॉल को रिसीव नहीं कर रहा।

पीड़ितों की शिकायत पर कोतवाली नगर और कैंट पुलिस ने संबंधित धारा में अभियोग पंजीकृत किया है। तीनों मामले व्यवसाय से जुड़े हैं और गबन तथा धोखाधड़ी की धारा में दर्ज हुए हैं। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है, विवेचना के बाद ही असलियत सामने आएगी…शौलेद्र कुमार सिंह, क्षेत्रााधिकारी नगर।
