हल्द्वानी: जनपद स्तरीय सेवा का अधिकार अधिनियम कार्यशाला का आयोजन, 36 विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम 2011 के अन्तर्गत आयोजित जनपद स्तरीय कार्यशाला बागजाला सभागार में उप रजिस्ट्रार सुन्दर लाल एवं सहायक रजिस्ट्रार एसएस कंडवाल द्वारा प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारियों सहित 36 विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। उप रजिस्ट्रार सुन्दर लाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य बना जिसने 2010 …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम 2011 के अन्तर्गत आयोजित जनपद स्तरीय कार्यशाला बागजाला सभागार में उप रजिस्ट्रार सुन्दर लाल एवं सहायक रजिस्ट्रार एसएस कंडवाल द्वारा प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारियों सहित 36 विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
उप रजिस्ट्रार सुन्दर लाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य बना जिसने 2010 में सेवा का अधिकार अधिनियम लागू किया गया। उत्तराखंड में इसे सेवा का अधिकार के नाम से जाना जाता है। इस अधिनियम के अन्तर्गत 36 विभाग सेवाएं दे रहे हैं। जिसके अंतर्गत 401 सेवाएं है। सन 2014-15 में अधिनियम के अन्तर्गत तीव्र गति से कार्य हुआ। इस अधिनियम मे 84 सेवाएं ऑनलाइन चलाई जा रही है जिसमें 30 रुपये शुल्क निर्धारित है। इसके अन्तर्गत कोई भी नागरिक सेवा चाहने वाला पदाभिहित अधिकारी को आवेदन भेजता है अगर पदाभिहित अधिकारी को लगता है कि उस नागरिक को सेवा नही दिया जा सकता हैं तो पदाभिहित अधिकारी सकारण उसे सेवा न दिए जाने कारण बताता है। अगर इसमे पात्र व्यक्ति को लगता है कि उसे सेवा न दी गई तो वह 30 दिन में प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष आवेदन दे सकता हैं, अगर उसे फिर भी लगता है कि सेवा न दी गई हैं तो वह द्वितीय अपीलीय अधिकारी के पास आवेदन कर सकता हैं।
सेवा के अधिकार के अधिनियम-2011 के अन्तर्गत अधिकारी सात दिन में उसे जवाब दे देगा, अगर सूचना चाहने वाले व्यक्ति को लगता है कि उसे जवाब नही मिला तो वह आयोग के पास जा सकता है।आयोग उसे निश्चित समयावधि मे जवाब देगा। आखिर में विभिन्न विभागों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अपने विभागों के मुद्दों को उपस्थित आयोग के प्रतिनिधि के समक्ष रखा व आयोग के द्वारा उन्हे निस्तारण का आश्वासन मिला।कार्यशाला में अपर चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत, आरटीओ संदीप सैन, पुलिस अधीक्षक हरवंश सिंह, डीडीओ गोपाल गिरी, जिला क्रार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, उपजिलाधिकारी योगश मेहरा, तहसीलदार संजय कुमार, तान्या रजवार, सीएमएस उषा जंगपांगी आदि रहे।
