रायबरेली: हिंदी के उत्थान के लिए नौनिहालों ने बनाई कलाकृति
रायबरेली। हिंदी दिवस पर सरस्वती बाल मंदिर लखनापुर सरेनी में बच्चों ने कलाकृति बनाकर हिंदी के उत्थान का संदेश दिया । इस मौके पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। स्कूल के बच्चे घरों से हिन्दी दिवस तख्तियों में लिखकर लाये थे। हस्तकला द्वारा बच्चों की शानदार प्रस्तुति ने सबका दिल जीत लिया। गोष्ठी को …
रायबरेली। हिंदी दिवस पर सरस्वती बाल मंदिर लखनापुर सरेनी में बच्चों ने कलाकृति बनाकर हिंदी के उत्थान का संदेश दिया । इस मौके पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
स्कूल के बच्चे घरों से हिन्दी दिवस तख्तियों में लिखकर लाये थे। हस्तकला द्वारा बच्चों की शानदार प्रस्तुति ने सबका दिल जीत लिया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य दिव्या मिश्रा ने कहा कि आज हिंदी सिर्फ हिन्दुस्तान में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बोली व समझी जाती है।हमें गर्व है कि हम उस क्षेत्र के निवासी हैं जहाँ राष्ट्र भाषा हिंदी के सर्जक आचार्य महाबीर प्रसाद द्विवेदी ने जन्म लिया था।
उन्होंने सभी को राष्ट्र भाषा का सम्मान करने व बच्चों को अंग्रेजी के साथ ही हिंदी का भी समुचित ज्ञान देने की अपील की थी। इसके पूर्व विद्यालय में आयोजित समारोह का शुभारंभ कंचन मिश्रा की ओर से प्रस्तुत की गयी सरस्वती बन्दना से हुआ। गोष्ठी को अनुराग, अतुल, अंकित , हर्षित,रिचा,शालिनी,पूजा,पिंकी,अर्चना आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कार्तिक, रक्षित, आयुष्मान, आंशिका, प्रजल, अपूर्णा, निधि,शिवांगी,दीपक,बबली,काजल आदि मौजूद रहे।
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