ईयू की अदालत ने प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों के लिए Google पर चार अरब डॉलर का जुर्माना रखा बरकरार
लंदन। यूरोपीय संघ (ईयू) की शीर्ष अदालतों में से एक ने गूगल पर लगाए गए चार अरब डॉलर के प्रतिस्पर्धा-रोधी जुर्माने को मोटे तौर पर बरकरार रखा है। यह जुर्माना गूगल पर उसके एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर 2018 में ईयू के प्रतिस्पर्धा प्रवर्तकों ने लगाया था। यूरोपीय अदालत ने ईयू के कार्यकारी आयोग …
लंदन। यूरोपीय संघ (ईयू) की शीर्ष अदालतों में से एक ने गूगल पर लगाए गए चार अरब डॉलर के प्रतिस्पर्धा-रोधी जुर्माने को मोटे तौर पर बरकरार रखा है। यह जुर्माना गूगल पर उसके एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर 2018 में ईयू के प्रतिस्पर्धा प्रवर्तकों ने लगाया था।
यूरोपीय अदालत ने ईयू के कार्यकारी आयोग के उस फैसले की मौटे तौर पर पुष्टि कर दी जिसमें गूगल पर उसकी प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों को लेकर 3.99 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उल्लंघन की गंभीरता और इसकी अवधि को देखते हुए गूगल पर 4.125 अरब यूरो का जुर्माना लगाना उचित होगा।
जुर्माने की यह राशि पहले लगाए गए 4.34 अरब यूरो की जुर्माना राशि से कुछ कम है। गूगल पर तीन प्रतिस्पर्धा-रोधी जुर्माने लगाए गए थे जिनकी कुल राशि आठ अरब डॉलर है। ये जुर्माने आयोग ने गूगल पर 2017 और 2019 में लगाए थे। पहले के फैसले में आयोग ने कहा था कि गूगल की गतिविधियां प्रतिस्पर्धा-रोधी हैं और उपभोक्ताओं के लिए विकल्पों को कम करती हैं।
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